PM मोदी-UAE राष्ट्रपति की बड़ी डील, 2032 तक 200 बिलियन डॉलर का व्यापार, जानिए दो घंटे की बैठक में क्या-कुछ हुआ तय?
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच दोस्ती का एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हो गया है. सोमवार को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का दिल्ली दौरा.
नई दिल्ली: भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच दोस्ती का एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हो गया है. सोमवार को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के दिल्ली दौरे के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और सिविल न्यूक्लियर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगा दी है. वहीं पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़ डायरेक्ट राष्ट्रपति से मिलने पहुंच गए थे. उन्होंने शेख मोहम्मद से गले मिले और कार में हंसते हुए भी दिखाई दिए.
इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण गुजरात का धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन रहा. UAE के निवेश मंत्रालय और गुजरात सरकार के बीच हुए समझौते के तहत धोलेरा में एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ग्रीनफील्ड पोर्ट और स्मार्ट अर्बन टाउनशिप विकसित की जाएगी. यह निवेश धोलेरा को वैश्विक व्यापार और एविएशन ट्रेनिंग का एक बड़ा केंद्र बना देगा. बता दें कि यह मीटिंग दो घंटे तक चली और इसमें कई बड़े निर्णय लिए गए.
ऊर्जा और न्यूक्लियर सेक्टर में बड़ी छलांग
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए HPCL और ADNOC गैस के बीच 10 साल का समझौता हुआ है. 2028 से शुरू होकर UAE हर साल 0.5 मिलियन मीट्रिक टन LNG की सप्लाई करेगा. इसके अलावा भारत के SHANTI एक्ट 2025 के तहत दोनों देश सिविल न्यूक्लियर सहयोग पर भी सहमत हुए हैं, जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) जैसी उन्नत तकनीक शामिल है.
अंतरिक्ष और सुपरकंप्यूटिंग
अंतरिक्ष के क्षेत्र में IN-SPACe और UAE स्पेस एजेंसी मिलकर एक इंटीग्रेटेड स्पेस इकोसिस्टम बनाएंगे. इसका मकसद न केवल जॉइंट मिशन शुरू करना है, बल्कि हाई-स्किल्ड रोजगार और स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देना है. साथ ही C-DAC और UAE की कंपनी G-42 मिलकर भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर बनाएंगे.
200 बिलियन डॉलर का महा-लक्ष्य
आर्थिक मोर्चे पर दोनों नेताओं ने एक साहसी लक्ष्य रखा है. 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके USD 200 बिलियन से पार ले जाने पर सहमति बनी है. इसमें MSMEs को जोड़ने और 'भारत मार्ट' जैसी पहलों का सहारा लिया जाएगा.
शाही स्वागत और झूले का तोहफा
डिप्लोमेसी के बीच पीएम मोदी ने अल नाहयान को भारतीय संस्कृति की झलक भी दिखाई. उन्होंने राष्ट्रपति को गुजरात का पारंपरिक नक्काशीदार लकड़ी का झूला और चांदी के डिब्बे में पश्मीना शॉल भेंट की. शाही परिवार को कश्मीरी केसर भी उपहार में दिया गया.