'चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद ही क्यों', TMC की घोषणापत्र पर मैथिली ठाकुर का निशान, ममता बनर्जी पर बोला हमला
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने घोषणापत्र जारी कर दी है. उनके घोषणापत्र पर बिहार की विधायक मैथिली ठाकुर ने हमला बोला है.
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को घोषणापत्र जारी कर दिया गया है. टीएमसी ने अपने घोषणापत्र को 'दीदी की 10 प्रतिज्ञा' नाम दिया है. BJP विधायक मैथिली ठाकुर समेत कई विपक्षी नेताओं ने उनके घोषणा पत्र पर हमला बोला है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा पत्र में जनता के लिए कई बड़े वादे किए हैं. हालांकि बीजेपी और कांग्रेस की ओर से उनके इस घोषणापत्र पर लगातार हमला किया जा रहा है. दोनों पार्टियों द्वारा इसे चुनावी लालच करार दिया गया है. सीएम बनर्जी द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों पर फोकस है.
विपक्षी नेताओं ने घोषणापत्र पर बोला हमला
बिहार की बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने टीएमसी की इस घोषणापत्र को 'अवास्तविक' कहा है. मैथिली ने कहा कि ममता दीदी को ये योजनाएं पहले लागू करनी चाहिए थीं. चुनाव घोषित होने के बाद ही वादे क्यों? बिहार में भी विपक्ष ने ऐसा ही किया था. वहीं बीजेपी विधायक शंकर घोष ने कहा कि मतदाता TMC को पूरी तरह नकारने वाले हैं. उन्होंने ममता पर राज्य की विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी TMC पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि TMC लोगों को गुमराह करने में माहिर है. चुनाव आते ही बड़े-बड़े वादों की बाढ़ आ जाती है, जनता को धोखा देने की कोशिश हो रही है.
टीएमसी घोषणापत्र में क्या है खास?
टीएमसी द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र में 'लक्ष्मी भंडार' योजना में राशि बढ़ाने की बात कही गई है. इसके मुताबिक सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे. इसके अलावा SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये दिए जाएंगे. वहीं बेरोजगार युवाओं को 'बांग्लार युवा-साथी' योजना के तहत 1,500 रुपये मासिक भत्ता दिए जाने की तैयारी है. इसके अलावा 'दुआरे चिकित्सा' योजना का भी ऐलान किया गया है. इस योजना के तहत हर बूथ पर शिविर लगाकर घर-घर चिकित्सा सुविधा दी जाएगी.
इसके अलावा 'बांग्लार बारी' के तहत 30 लाख ग्रामीण घर बनाए जाएंगे. धान की खरीद मूल्य 2,500 रुपये प्रति क्विंटल की जाएगी और छोटे किसानों को मुफ्त सिंचाई मिलेगी. घोषणापत्र में औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया. MSME क्षेत्र को मजबूत बनाया जाएगा. इस घोषणापत्र को जारी करते समय ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि केंद्र बंगाल के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहा है.