बुझ गया सांप को पकड़ने वाला दीपक, गले में सांप लपेटकर चला रहा था बाइक, ऐसा डसा कि निकल गए प्राण,
दीपक महाबर सांप पकड़ने के एक्सपर्ट माने जाते थे और दशकों से सांप पकड़ने का काम कर रहे थे. जहां कहीं भी सांप निकलने की सूचना मिलती दीपक तुरंत वहां पहुंच जाते थे और इसके लिए वह कोई पैसा नहीं लेते थे.
मध्य प्रदेश के राघौगढ़ में एक दुखद घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया. कटरा मोहल्ला निवासी 42 वर्षीय दीपक महाबर, जो एक अनुभवी सांप पकड़ने वाले थे, की मंगलवार तड़के एक जहरीले सांप के काटने से मृत्यु हो गई. सोमवार दोपहर को बारबटपुरा में एक घर में सांप घुसने की सूचना मिलने पर दीपक तुरंत मौके पर पहुंचे.
सांप को पकड़कर गले में डाल लिया
दीपक ने सांप को कुशलतापूर्वक पकड़ लिया, लेकिन उसी समय उन्हें अपने बेटे को स्कूल से लाने जाना था. उन्होंने सांप को अपने गले में लपेट लिया और बाइक से बेटे को लेने निकल पड़े. घर लौटते समय सांप ने उनकी बांह पर काट लिया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दीपक को बाइक पर सांप के साथ देखा गया, जो काटने से कुछ क्षण पहले का है.
सांप काटने के बाद अस्पताल में किया गया भर्ती
काटने के बाद दीपक ने अपने दोस्त को मदद के लिए फोन किया. उन्हें पहले राघौगढ़ के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर गुना के जिला अस्पताल रेफर किया गया. शाम तक उनकी हालत में सुधार दिखा और वे घर लौट आए. लेकिन रात में उनकी हालत अचानक बिगड़ गई. परिजनों ने उन्हें फिर से अस्पताल पहुंचाया, जहां मंगलवार तड़के 4 बजे उनकी मृत्यु हो गई. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
बिना कोई पैसे लिए पकड़े सैकड़ों सांप
दीपक जेपी यूनिवर्सिटी के साथ सांप पकड़ने वाले के रूप में कार्यरत थे और क्षेत्र में अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रसिद्ध थे. एक दशक से अधिक समय तक उन्होंने सैकड़ों सांपों को पकड़कर जंगल में छोड़ा, बिना कोई शुल्क लिए. उनके दोस्त ने एनडीटीवी को बताया, “वह हमेशा सांप की सूचना मिलने पर तुरंत पहुंच जाते थे. इस बार भी ऐसा ही हुआ. उन्होंने सांप पकड़ा और घर लौटते समय बाइक पर सांप ने उन्हें काट लिया.” उन्होंने आगे कहा, “शाम को उनकी हालत ठीक लग रही थी, लेकिन रात में फिर बिगड़ गई.” पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.