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ट्रक ड्राइवर को 'तुम्हारी क्या औकात है... ' बोलने वाले DM पर गिरी गाज, MP के सीएम बोले- मैं खुद एक मजदूर का बेटा

मंगलवार को एक ड्राइवर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान डीएम कन्याल अपना आपा खो बैठे और इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर दिया.

Naresh Chaudhary

MP News: मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ट्रक ड्राइवरों के विरोध प्रदर्शन के बीच एक ड्राइवर की 'औकात'  पर सवाल उठाने के बाद विवादों में घिरे शाजापुर के जिला कलेक्टर किशोर कान्याल को बुधवार को उनके पद से हटा दिया गया है. यह आदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से आया है. उन्होंने साफ कहा है कि उनकी सरकार में इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार ने कन्याल को राज्य उप सचिव के पद पर स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया.

शाजापुर डीएम के साथ ट्रक ड्राइवरों के प्रतिनिधिमंडल की हो रही बैठक 

जानकारी के मुताबिक, इस घटनाक्रम के साथ ही नरसिंहपुर की कलेक्टर रिजु बाफना को शाजापुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया. बताया गया है कि मंगलवार को एक ड्राइवर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान डीएम कन्याल अपना आपा खो बैठे और इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर दिया. हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि अगर उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची हो तो उन्हें खेद है. 

डीएम से बहस होने के बाद पुलिसकर्मी ने ड्राइवर को भगाया

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कन्याल ड्राइवरों और अन्य लोगों से कानून को अपने हाथ में न लेने के लिए कह रहे थे. बताया गया है कि जब ड्राइवरों के एक प्रतिनिधि ने उनसे अच्छे से बात करने के लिए कहा, तो गुस्से में डीएम कन्याल ने कहा था कि क्या करोगे तुम, क्या औकात है तुम्हारी? उस व्यक्ति ने उत्तर देते हुए कहा कि वे यह लड़ाई इसलिए लड़ रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई औकात (सामाजिक प्रतिष्ठा) नहीं है. इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने उस व्यक्ति को वहां से भगा दिया. 

गरीबों के काम और भावनाओं का सम्मान करें अधिकारीः सीएम

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम गरीबों के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं. कोई कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, उसे गरीबों के काम और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. हमारी सरकार में इस तरह की भाषा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सीएम मोहन यादव बोले- मैं खुद एक मजदूर का बेटा हूं

सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह खुद एक मजदूर के बेटे हैं. मेरा मानना ​​है कि जो अधिकारी ऐसी भाषा बोलते हैं, वे फील्ड पोस्टिंग के लायक नहीं हैं. मुझे उम्मीद है कि वहां तैनात अधिकारी (शाजापुर कलेक्टर के रूप में) इस तरह के व्यवहार पर नजर रखेंगे.