'मैं भ्रष्ट नहीं हूं...' TMC के करीबी आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत, पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला शव; सुसाइड नोट जब्त!
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का शव बीरभूम के रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति से रविवार सुबह एक दर्दनाक खबर सामने आई. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई.
आशीष बनर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी नेता माना जाता था. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल पुलिस मौत की वजह जानने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
मौत की वजह जानने के लिए शुरू हुई जांच
घटना को गंभीर मानते हुए पुलिस ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने कहा है कि मामले से जुड़े हर संभावित पहलू की पड़ताल की जा रही है.
Also Read
- 'सुधर जाओ, शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो...', अब बाबा रामदेव ने दी आंदोलन की चेतावनी
- NALSAR विवाद पर BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने लॉ स्टूडेंट्स से मांगी माफी, बोले- भावनाएं सबसे ज्यादा मायने रखती हैं
- बीजेपी ने सोनिया गांधी पर लगाया 'वंदे मातरम्' बजाए जाने पर आपत्ति जताने का आरोप, कांग्रेस ने दी सफाई
पुलिस को मिला कथित सुसाइड नोट
खबरों की मानें तो जांच के दौरान पुलिस ने पार्टी कार्यालय से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया है. फिलहाल अधिकारियों ने नोट की सामग्री सार्वजनिक नहीं की है. पुलिस का कहना है कि दस्तावेज की सत्यता और उससे जुड़े सभी पहलुओं की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी. मामले को संदिग्ध मानते हुए हर संभावना पर जांच जारी है.
पांच बार विधायक रहे थे आशीष बनर्जी
आशीष बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे. उन्होंने बीरभूम जिले की रामपुरहाट विधानसभा सीट से 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार पांच बार जीत दर्ज की थी. हालांकि, इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार का सामना करना पड़ा.
ममता सरकार में संभाल चुके थे अहम जिम्मेदारियां
ममता बनर्जी के सत्ता में आने के बाद आशीष बनर्जी ने राज्य सरकार में शिक्षा और कृषि मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी. संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें तृणमूल कांग्रेस का प्रभावशाली चेहरा माना जाता था.
राजनीति में शोक की लहर
वरिष्ठ नेता की अचानक हुई मौत से तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है. पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक तस्वीर साफ हो सकेगी.