मनचाहे रिजल्ट के लिए क्यों दी जाती है पंचबलि? पंडित नहीं अघोरियों कराते हैं ये काम
Know About Panchabali: कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बड़ा आरोप लगाया है. उनका दावा है कि कर्नाटक सरकार, मुझे और सिद्धारमैया को निशाना बनाने के लिए राज्य के एक बड़े नेता केरल में पंचबलि करा रहे हैं.
Know About Panchabali: कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया है कि कर्नाटक की सरकार, उन्हें और सिद्धारमैया को हटाने के लिए केरल में पंचबलि हो रही है. उन्होंने ये आरोप कर्नाटक के ही बड़े नेता पर लगाया है. उनका दावा है कि पंचबलि कराने वाले नेता केरल में अघोरियों के पास जा रहे हैं. आइए, जानते हैं कि पंचबलि क्या होती है, मनचाहे परिणाम के लिए किन 5 चीजों की बलि दी जाती है.
शिवकुमार ने दावा किया कि उन्हें ऐसे लोगों के बारे में पता है जो ये अनुष्ठान कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वे कर्नाटक से हैं. किसी का नाम लिए बिना उन्होंने दावा किया कि ये अनुष्ठान एक राजनेता के आदेश पर किए जा रहे हैं. दावा किया है कि उन्हें और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाने के लिए हाल ही में केरल के एक मंदिर में पशु बलि की रस्म के बारे में जानकारी दी गई थी.
आखिर कैसे सामने आया पंचबलि का मामला?
दरअसल, डीके शिवकुमार गुरुवार को मीडिया को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने अपनी कलाई पर एक धागा बांधा था. शिवकुमार ने इस धागे के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि ये धागा काफी पवित्र है और उन्होंने बुरी नजर से बचने के लिए इसे हाथ में लपेटा है. उन्होंने ये कहा कि मेरे और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ साजिश रचकर केरल के मंदिर में अघोरियों से पूजा पाठ कराई जा रही है.
आखिर क्या होता है पंचबलि?
डीके शिवकुमार की माने तो केरल के राज राजेश्वरी मंदिर के पास ये सबकुछ किया जा रहा है. माना जाता है कि कोई शख्स अपने शत्रु को खत्म करने के लिए पंचबलि कराता है. पंचबलि के तहत पहले 'शत्रु भैरवी यज्ञ' किया जाता है. इसमें सबसे पहले अग्नि बलिदान किया जाता है. फिर अन्य चार चीजों की बलि दी जाती है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंचबलि में अग्नि के अलावा दूसरी चीज जिसकी बलि दी जाती है, वो लाल बकरा होता है. इसके बाद भैंस, काली भेड़ और सूअरों की बलि दी जाती है. इन वस्तुओं की संख्या अपने-अपने हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. कहा जाता है कि पंचबलि आम पंडितों के जरिए संभव नहीं है. इसके लिए अघोरियों का सहारा लेना पड़ता है.
अब राज राजेश्वरी मंदिर के बारे में भी जान लीजिए
केरल के अलाप्पुझा जिले में स्थित राज राजेश्वरी मंदिर को मुल्लाक्कल भगवती मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. इस मंदिर का निर्माण केरल शैली में किया गया है. मंदिर में देवी दुर्गा की मुख्य मूर्ति है. देवी दुर्गा के अलावा मंदिर में भगवान हनुमान, भगवान गणेश, भगवान कृष्ण, भगवान अयप्पा, नागराज और नवग्रह की मूर्तियां भी विराजमान हैं. इस मंदिर को 500 साल पुराना बताया जाता है.
इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सबसे नजदीकी अलपुझा रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा, जिसकी दूसरी रेलवे स्टेशन से मात्र 5 किमी है. इसके अलावा, अगर आप फ्लाइट से जाना चाहते हैं, तो सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कोचीन है, जहां से मंदिर की दूरी 90 किलोमीटर है.