महीनों तक छात्रा की आबरू लूटता रहा टीचर खालिद हुसैन, 5 महीने की गर्भावस्था के बाद अबॉर्शन के दौरान मौत
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में एक नाबालिग छात्रा की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. आरोप है कि स्कूल के शिक्षक ने कई महीनों तक उसका यौन शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई.
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है. एक नाबालिग छात्रा की मौत के बाद पुलिस जांच में गंभीर आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि सरकारी मिडिल स्कूल में तैनात एक शिक्षक ने कई महीनों तक छात्रा का यौन शोषण किया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई. घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.
पुलिस के मुताबिक, छात्रा की तबीयत कथित गर्भपात की कोशिश के बाद बिगड़ गई थी. उसे पहले किश्तवाड़ जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज, जम्मू रेफर किया गया. लेकिन रास्ते में ही एंबुलेंस में उसकी मौत हो गई. मामले में आरोपी शिक्षक और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शिक्षक को निलंबित भी कर दिया गया है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्भावस्था की पुष्टि
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम में छात्रा के करीब पांच महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई है. आरोपी खालिद हुसैन किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र के बमलपोरा स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में शिक्षक ग्रेड द्वितीय और प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात था. उसके खिलाफ पॉक्सो समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की गहन जांच जारी है.
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दवाइयों से गर्भपात कराने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया है कि शिक्षक ने अपने भाई तारिक की मदद से दवाइयों के जरिए कथित अवैध गर्भपात कराने की कोशिश की. इसके बाद छात्रा की हालत तेजी से बिगड़ गई. पहले उसे किश्तवाड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए जम्मू रेफर कर दिया. इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई.
एंबुलेंस में बिगड़ी हालत, रास्ते में हुई मौत
पुलिस के अनुसार, किश्तवाड़ से जम्मू की दूरी 200 किलोमीटर से अधिक है. छात्रा को विशेष चिकित्सा सुविधा के लिए एंबुलेंस से जम्मू ले जाया जा रहा था. डोडा जिले के बाटोटे के पास उसकी तबीयत अचानक और बिगड़ गई. चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका. इसके बाद शव को वापस किश्तवाड़ अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया गया.
जांच के दायरे में कई अन्य लोग भी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी. यह पता लगाया जा रहा है कि कथित अवैध गर्भपात की कोशिश में और कौन कौन शामिल था. जांच के दायरे में छात्रा के कुछ रिश्तेदार, संभावित मेडिकल प्रोफेशनल और गर्भपात की दवाइयां उपलब्ध कराने वाला फार्मेसी संचालक भी शामिल हैं. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
विरोध प्रदर्शन के बाद हुई सख्त कार्रवाई
छात्रा की मौत के बाद छत्रू और किश्तवाड़ के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए. लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की. भाजपा महिला मोर्चा की स्थानीय इकाई ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर सख्त कदम उठाने की मांग रखी. विरोध बढ़ने के कुछ घंटे बाद आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी.