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India Daily

Jaipur Tanker Fire: माचिस की तीली भरे टैंक में लग गई थी आग, 100 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था दूसरे LPG टैंकर का तापमान

जयपुर गैस टैंकर हादसा इतना खतरनाक था कि यह सैकड़ों लोगों की जान ले सकता था. फायर ब्रिगेड की तत्परता से कई बड़े विस्फोट को कंट्रोल किया गया. 

Kamal Kumar Mishra
Jaipur Tanker Fire: माचिस की तीली भरे टैंक में लग गई थी आग, 100 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था दूसरे LPG टैंकर का तापमान
Courtesy: x

Jaipur LPG Tanker Fire:  जयपुर के भांकरोटा में हुए गैस टैंकर हादसे में और भी बड़ा खतरा हो सकता था. अजमेर-जयपुर हाईवे पर एक गैस टैंकर में आग लगने के बाद करीब 100 मीटर की दूरी पर एक और 18 टन एलपीजी टैंकर आग की चपेट में आ गया. इस टैंकर का तापमान 100 डिग्री तक पहुंच गया, लेकिन दमकलकर्मियों ने लगातार 7 घंटे तक पानी डालकर इसे काबू किया. दोपहर करीब 12 बजे तापमान नियंत्रित हुआ, जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली.

घटना के बाद अजमेर से एक खाली टैंकर मंगवाया गया, जो दोपहर बाद भांकरोटा पहुंचा. फिर गैस को खाली टैंकर में ट्रांसफर किया गया. इस हादसे के कारण सुबह 5 बजे से बंद हुआ अजमेर हाईवे रात 8:40 बजे फिर से खोला जा सका. पुलिस ने सभी प्रभावित वाहनों को हटा लिया था और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने क्षतिग्रस्त हाईवे की सफाई की. घटनास्थल पर एक माचिस की तैयार तीली से भरा कंटेनर भी आग की चपेट में आ गया था, लेकिन आग अंदर नहीं पहुंची, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

12 लोगों की हो चुकी है मौत

इस घटना में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 32 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. आसपास के क्षेत्र में 41 वाहन आग की चपेट में आ गए, जिनमें ट्रक, कार, बस और दोपहिया वाहन शामिल हैं. हादसे के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. एक कंटेनर चालक, जिसने गैस टैंकर को टक्कर मारी, ओवरस्पीड का दोषी था और पहले भी उसके कई चालान हो चुके थे. आग की चपेट में आने से दो बसें पूरी तरह जल गईं, जिसमें एक स्लीपर कोच और एक साधारण बस थी. रोडवेज की साधारण बस के चालक ने गैस रिसाव को देखकर बस रोकी और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला. 

पुलिस ने जारी हेल्पलाइन

हादसे का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. घटनास्थल पर तेजी से गैस का रिसाव हो रहा था और आग लगने के बाद उसके गोले उठते देखे गए. पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि लोग लापता या झुलसे व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त कर सकें.