Yoga Day 2025: 'योग अहंकार को खत्म...', पीएम मोदी ने दुनिया में जारी संघर्ष का किया जिक्र; बताया योग का महत्व

PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विशाखापत्तनम में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि योग एक पॉवरफुल टूल और वह विश्राम बटन है जिसकी मानवता को जरूरत है.

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Princy Sharma

International Yoga Day 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विशाखापत्तनम में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि योग एक पॉवरफुल टूल और वह विश्राम बटन है जिसकी मानवता को जरूरत है ताकि वह सांस ले सके, संतुलित हो सके और फिर से सम्पूर्ण हो सके. 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'सर्वे भवंतु सुखिनः (सभी खुश रहें) – हमें इसी विचार को अपनाना चाहिए, क्योंकि यह शांति की ओर ले जाता है. दुर्भाग्यवश, आज दुनिया में हिंसा और अशांति का माहौल है. योग वह ‘पॉज बटन’ है जिसकी मानवता को सांस लेने, संतुलन पाने और संयम फिर से प्राप्त करने के लिए जरूरत है.'

वह पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों का जिक्र करते हुए बोले कि योग अहंकार को समाप्त करता है और हमें मैं से हम में ले आता है जिससे वैश्विक एकता को बढ़ावा मिलता है.

योग दिवस का थीम

पीएम मोदी ने इस वर्ष के योग दिवस के विषय 'योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ' पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, 'यह विषय एक गहरी सच्चाई को दर्शाता है: पृथ्वी पर हर जीव का स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है.' उन्होंने आगे कहा, 'शुरुआत में हम अपनी सेहत और कल्याण की देखभाल करना सीखते हैं और योग हमें व्यक्तिगत अनुशासन देता है.'

इसके अलावा पीएम मोदी ने  योग के महत्व को बताते हुए कहा, 'योग हमें इस आपसी जुड़ाव का अहसास कराता है, हमें संसार से एकता की ओर यात्रा पर ले जाता है, और यह सिखाता है कि हम अकेले नहीं हैं, बल्कि प्रकृति का हिस्सा हैं. 

प्रधानमंत्री ने योग को राष्ट्रीयता और समुदायों से परे बताया और कहा कि योग का संदेश सभी के लिए है, चाहे वह सीमा, पृष्ठभूमि, आयु या क्षमता कुछ भी हो. उन्होंने उदाहरण के तौर पर सिडनी ओपेरा हाउस, एवरेस्ट पर्वत और महासागरों का जिक्र करते हुए कहा कि योग का संदेश हर जगह समान है, और यह सबके लिए है.