आज से कामाख्या से हावड़ा के बीच दौड़ेगी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, यहां पढ़ें रूट- किराया समेत पूरी जानकारी
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से कामाख्या और हावड़ा के बीच दौड़ना शुरू करेगी. यह तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प पेश करती है, जिसमें 16 आधुनिक कोच शामिल हैं.
भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की यात्रा को और तेज, आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है. आज (22 जनवरी) से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कामाख्या (गुवाहाटी) और हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच दौड़ना शुरू करेगी. 14 घंटे की इस रात की यात्रा में यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रा का अनोखा अनुभव मिलेगा. बुधवार को ट्रेन नहीं चलेगी, लेकिन बाकी सभी दिन नियमित रूप से सेवा प्रदान करेगी.
कैसी है स्लीपर वंदे भारत ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नंबर 27576 आज कामाख्या से हावड़ा के लिए प्रस्थान करेगी. यह ट्रेन रात में चलने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई है. इसमें सुरक्षा, आराम और तेज गति का पूरा ध्यान रखा गया है. ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिसमें एक AC फर्स्ट क्लास, चार AC 2-टियर और 11 AC 3-टियर कोच शामिल हैं.
यात्रा का समय और रूट
कामाख्या से ट्रेन शाम 18:15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 08:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी. वहीं हावड़ा से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नंबर 27575 23 जनवरी से चलनी शुरू होगी. यह ट्रेन लगभग 14 घंटे में अपना सफर पूरा करेगी और गुरुवार को छोड़कर प्रतिदिन चलेगी.
इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज
हावड़ा और कामाख्या के बीच यह ट्रेन 13 प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी. इनमें बंडिल, नबद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, अलुआबारी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगाईगांव और रंगिया शामिल हैं. यह स्टॉपेज यात्रियों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाएंगे.
किराया और कोच की जानकारी
तीसरी एसी के लिए हावड़ा-कामाख्या यात्रा का किराया 2435 रुपये है. वहीं सेकेंड एसी के लिए 3145 रुपये और फर्स्ट एसी के लिए 3855 रुपये खर्च करने होंगे. यात्रियों को आरामदायक सीटिंग, पर्याप्त जगह और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे लंबी दूरी की रात की यात्रा सहज और आरामदायक बन सके.
महत्व और भविष्य में प्रभाव
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आने से पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्व के बीच संपर्क मजबूत होगा. पारंपरिक लंबी दूरी की ट्रेनों की तुलना में यह ट्रेन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प पेश करती है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की ट्रेनें आने वाले समय में और अधिक मार्गों पर शुरू की जाएंगी.