Indian Navy ने रचा इतिहास: पहली बार किसी जंगी जहाज की कमांडिंग ऑफिसर बनी महिला अधिकारी

एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि अग्निवीरों का हमारा पहला बैच इस साल मार्च में आईएनएस छिलका से ग्रेजुएट हुआ है. महत्वपूर्ण बात यह है कि अग्निवीरों के इस बैच में 272 महिला अग्निवीर प्रशिक्षु शामिल हैं. 

Gyanendra Sharma

Indian Navy News: भारतीय नौसेना ने हाल ही में एक इतिहास रचा है. नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने बताया है कि नौसेना ने अपने एक जंगी जहाज (फास्ट अटैक क्रॉ वोट) पर पहली महिला कमांडिंग ऑफिसर नियुक्ति की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नौसेना दिवस से पहले एक प्रेसववार्ता को संबोधित करते हुए एडमिरल कुमार ने ये भी बताया कि अग्निपथ योजना का आना एक बेहद जरूरी और परिवर्तनकारी बदलाव रहा है.

नेवी में महिला कर्मचारियों का आंकड़ा 1000 पार

एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि अग्निवीरों का हमारा पहला बैच इस साल मार्च में आईएनएस छिलका से ग्रेजुएट हुआ है. महत्वपूर्ण बात यह है कि अग्निवीरों के इस बैच में 272 महिला अग्निवीर प्रशिक्षु शामिल हैं. अग्निवीरों के दूसरे बैच में कुल 454 महिलाएं थीं और हाल ही में नौसेना में तीसरा बैच भी शामिल किया गया है. अब तक हम नौसेना में 1,000 से ज्यादा महिला सहयोगियों को शामिल कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि नौसेना में महिलाओं की तैनाती सभी भूमिकाओं और पदों पर की जा रही है.  

साल 2023 हर मामले में रहा बेहतरीन

एडमिरल कुमार ने कहा कि हमने भारतीय नौसैनिक जहाज की पहली महिला कमांडिंग ऑफिसर को भी नियुक्त किया है. साथ ही कहा कि नौसेना को भविष्य में एक महत्वाकांक्षी और गतिशील पथ पर बनाए रखने के लिए हम लगातार चुनौतियां देते रहे हैं. बीते साल पर नजर डालें और आप इस बात से सहमत होंगे कि साल 2023 हमारे देश के लिए एक उल्लेखनीय वर्ष रहा है. हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी है, चाहे वह आर्थिक मोर्चा हो, कूटनीति हो या खेल का क्षेत्र हो. 

उन्होंने कहा कि इसी तरह नौसेना के लिए भी पिछला साल काफी उल्लेखनीय रहा है. इस साल में हमारे जहाजों, पनडुब्बियों और विमानों ने सैन्य, राजनयिक और कांस्टेबुलरी भूमिकाओं से जुड़े मिशनों को अंजाम देते हुए एक गति बनाए रखी है.

जहाज पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लगातार मौजूद

एडमिरल ने कहा कि हमारे जहाज लगातार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मौजूद हैं. पनडुब्बियों ने ओमान, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में विदेशी बंदरगाहों पर परिचालन में बदलाव किया है. उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी और फरवरी में डेटा-स्तरीय परिचालन तैयारी अभ्यास में 151 से ज्यादा परिचालन इकाइयों ने अभ्यास में भाग लिया, जो 21 मिलियन वर्ग समुद्री मील से ज्यादा क्षेत्र में फैला था. उन्होंने दोहरे वाहक संचालन पर भी प्रकाश डाला, जिसमें भारतीय नौसेना के दोनों विमान वाहक, विक्रांत और विक्रमादित्य शामिल थे.