भारत-अमेरिका समझौते के फैक्टशीट में बड़े बदलाव, दालों पर लगेगा टैरिफ, 500 डॉलर के व्यापार का कोई कमिटमेंट नहीं!

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ हुए समझौते के फैक्टशीट में बदलाव किया है. इसमें से दालों पर टैरिफ हटाने की बात को हटाया गया है.

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Shanu Sharma

नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने भारत के साथ हुए ऐतिहासिक भारत-US ट्रेड डील की 'खास शर्तों' पर अपनी फैक्टशीट में बदलाव किया है. इसमें यह दावा हटा दिया गया है कि नई दिल्ली 'कुछ खास दालों' पर टैरिफ कम करेगी और 500 बिलियन डॉलर की खरीद 'कमिटमेंट' से जुड़े शब्दों में भी बदलाव किया गया है.

अमेरिका द्वारा फैक्टशीट में किए गए बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि यह भारतीय किसानों से जुड़ी हुई है. जिसे लेकर देश में विरोध किया जा रहा था. इसी क्रम में व्हाइट हाउस की ओर से मंगलवार को फैक्टशीट में बदलाव किया गया है. 

फैक्टशीट में क्या हुआ बदलाव?

अमेरिका द्वारा जारी किए गए फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत सभी US इंडस्ट्रियल सामानों और वहां से आने वाले खाने वाले सामानों पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा. इस लिस्ट में सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स समेंत कई अन्य प्रोडक्ट को शामिल की गया था. हालांकि इसमें अब सुधार करते हुए दालों का जिक्र हटा दिया गया है.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल प्रोड्यूसर  और कंज्यूमर भी है. ऐसे में भारतीय किसानों को नुकसान ना हो इसके लिए भारत सरकार ने अमेरिकी  एक्सपोर्ट दालों पर भारी टैरिफ लगाया है. इतना ही नहीं फैक्टशीट से भारत द्वारा 500 बिलियन डॉलर से ज्यादा का US सामान खरीदने के लिए 'कमिटमेंट' शब्द को भी हटा लिया गया है.

अमेरिका के साथ 500 बिलियन के व्यापार का वादा

पहली बार जारी किए गए फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत ने ज्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदने और 500 बिलियन से ज्यादा की US एनर्जी, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर, कोयला और दूसरे प्रोडक्ट खरीदने का वादा किया है. हालांकि दूसरी बार इस लाइन से एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट को हटा लिया गया है और कमिटेड को इरादा में बदल दिया गया है.

डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने उन दावों को भी वापस लिया है जिसमें भारत द्वारा डिजिटल सर्विसेज़ टैक्स खत्म करने की बात कही गई थी. पहली फैक्टशीट में लिखा गया था कि भारत अपने डिजिटल सर्विसेज टैक्स हटा देगा. वहीं दूसरे में लिखा गया कि भारत डिजिटल ट्रेड में भेदभाव वाले या बोझिल तरीकों और दूसरी रुकावटों को दूर करने वाले मज़बूत बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने के लिए कमिटेड है. इस समझौते को लेकर विपक्ष द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा था. हालांकि यह बदलाव भारतीय किसानों के लिए अच्छी खबर है.