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India Daily

ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत का फर्स्ट रिएक्शन, मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए क्या है सरकार का अगला कदम?

ईरान-इजरायल में चल रहे तनाव के बीच भारत सकरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है.

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Edited By: Shanu Sharma
ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत का फर्स्ट रिएक्शन, मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए क्या है सरकार का अगला कदम?
Courtesy: ANI

ईरान में चल रहे उथल-पुथल के बीच भारत ने अपनी  प्रतिक्रिया दी है. सभी देशों के हालात और लोगों को हो रही परेशानियों पर चिंता जाहिर करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी देशों को एक दूसरे की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. 

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि हम हाल में घटी घटनाओं को लेकर चिंतित हैं. मंत्रालय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है. 

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में सभी पक्षों को डिप्लोमेसी का रास्ता अपनाने का संदेश दिया गया है. साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा कि हम दूसरे देशों में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के साथ हैं. अपने नागरिकों को सलाह देते हुए विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि स्थानिय सुरक्षा का पालन करें. भारत ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए ना केवल ईरान और इजरायल बल्कि दूसरे देशों के नागरिकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है. हालांकि इससे पहले भी भारत सरकार द्वारा एडवाइजरी जारी की जा चुकी है. इजरायल में लगभग भारत के दस हजार लोग रहते हैं, जिसमें चार हजार छात्र हैं. मंत्रालय ने अपने नागरिकों को सैन्य इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दी है, साथ ही सभी नियमों का पालन करने की भी सलाह दी है. 

मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी

भारतीय दूतावास ने तनाव को देखते हुए कतर में रहने वाले भारतीयों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है. साथ ही यूएई और फलस्तीन में रह रहे लोगों को भी अलर्ट रहने को कहा है. यह माना जा रहा है कि अगर इन देशों की स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो अपने नागरिकों को निकालने के लिए इवैक्युएशन ड्राइव चलाए जाएगा. हालांकि इसके बारे में अभी कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. विदेशी मीडिया ने ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन की पुष्टि कर दी है, जिसके बाद से स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो गई है. पश्चिम एशिया में लगभग 10 हजार भारत के लोग रहते हैं. ऐसे में किसी भी भारतीय का ज्यादा नुकसान ना हो भारत सरकार इसके लिए लगातार अलर्ट मोड पर है.