रसोई पर नहीं होगा मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध का असर, भारत सरकार ने रिफाइनरियों को दी ये 'स्पेशल पावर'; साथ ही दी चेतावनी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत सरकार ने घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का आदेश दिया है.
नई दिल्ली: दुनिया भर में ऊर्जा संकट और पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में होने वाली किसी भी बाधा से आम नागरिक की रसोई को बचाना है. इसके लिए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और केवल घरेलू मांग को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.
नए आदेश के तहत रिफाइनरियों को अपनी पूरी एलपीजी पैदावार केवल तीन सरकारी कंपनियों- आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को बेचनी होगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. कंपनियों को हिदायत दी गई है कि वे इस स्टॉक को केवल आम जनता के लिए ही सुरक्षित रखें, ताकि संकट के समय आपूर्ति बनी रहे.
औद्योगिक उपयोग पर पाबंदी
एलपीजी निर्माण में उपयोग होने वाली प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का अब औद्योगिक कामों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. कंपनियां अक्सर इनका उपयोग प्लास्टिक बनाने में करती थीं. लेकिन सरकार ने अब इसे पूरी तरह रोक दिया है. रिफाइनरियों को निर्देश मिला है कि वे इन गैसों को औद्योगिक कार्यों में भेजने के बजाय केवल रसोई गैस बनाने में लगाएं, ताकि देश में आत्मनिर्भरता बढ़ सके.
आयात पर निर्भरता और समुद्री मार्ग
भारत अपनी जरूरत की 60% एलपीजी आयात करता है, लेकिन पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री रास्तों पर सप्लाई संकट गहरा गया है. सरकार चाहती है कि ऐसी किसी भी बाहरी बाधा का असर भारतीय घरों पर न पड़े. इसलिए देश के भीतर उत्पादन क्षमता बढ़ाकर विदेशी निर्भरता कम करने और भविष्य के किसी भी बड़े ऊर्जा संकट को टालने की तैयारी है.
उज्ज्वला योजना और महिला सुरक्षा
उज्ज्वला योजना की करोड़ों महिला लाभार्थियों तक समय पर गैस पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. ग्रामीण परिवारों पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ न पड़े, इसके लिए घरेलू स्टॉक को मजबूत किया जा रहा है. सरकार सुनिश्चित कर रही है कि सप्लाई चैन में कोई रुकावट न आए और महिलाओं को सिलेंडर के लिए इंतजार न करना पड़े. यह कदम रसोई के बजट को स्थिर रखने के लिए है.
भविष्य का लक्ष्य और स्थिरता
सरकार का लक्ष्य 2027 तक घरेलू स्टॉक को इतना मजबूत करना है कि वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम जनता पर न पड़े. मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ाने से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी. इस प्रकार सरकार कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर भारतीय परिवारों के हितों को सुरक्षित रखने की दिशा में बड़े फैसले ले रही है.