Independence Day 2026: 15 अगस्त पर तिरंगा फहराया जाता है या होता है ध्वजारोहण? 90% लोग आज भी नहीं जानते सही जवाब

स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने और ध्वजारोहण को लेकर अक्सर लोगों के बीच भ्रम रहता है. भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडे को नीचे से ऊपर खींचकर फहराते हैं.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: 15 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और उत्साह का अवसर होता है. इसी दिन वर्ष 1947 में भारत ने ब्रिटिश शासन से आजादी हासिल की थी. स्वतंत्रता दिवस पर पूरे देश में तिरंगा लहराया जाता है और राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होते हैं. लाल किले से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं. हालांकि हर साल इस अवसर पर एक सवाल जरूर सामने आता है कि इस दिन तिरंगा फहराया जाता है या ध्वजारोहण किया जाता है.

कई लोग ध्वजारोहण और तिरंगा फहराने को एक ही प्रक्रिया मान लेते हैं, जबकि दोनों में स्पष्ट अंतर है. भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के अनुसार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित करने का तरीका अलग होता है. यही अंतर इन दोनों राष्ट्रीय पर्वों के ऐतिहासिक महत्व को भी दर्शाता है. आइए जानते हैं कि 15 अगस्त को कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाती है और इसके पीछे क्या कारण है.

15 अगस्त पर क्या होता है?

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज को नीचे से ऊपर की ओर रस्सी के माध्यम से खींचते हैं. इसके बाद तिरंगा पूरी तरह खुलकर लहराता है. इस प्रक्रिया को अंग्रेजी में ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहा जाता है. यह भारत की आजादी और नए राष्ट्र के उदय का प्रतीक माना जाता है. वर्ष 1947 में पहली बार स्वतंत्र भारत का तिरंगा इसी तरह फहराया गया था.


26 जनवरी की प्रक्रिया क्यों अलग होती है?

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज को पहले से ऊपर बंधी हुई स्थिति से खोलते हैं. इस प्रक्रिया को ध्वत फहराना /(Flag Unfurling) कहा जाता है. यह व्यवस्था भारत के संविधान लागू होने और स्थापित गणतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक मानी जाती है. इसलिए 26 जनवरी को अपनाई जाने वाली प्रक्रिया स्वतंत्रता दिवस से अलग होती है.

दोनों राष्ट्रीय पर्वों का ऐतिहासिक महत्व

15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र राष्ट्र बना और पहली बार राष्ट्रीय ध्वज को फहराया गया. वहीं 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ और भारत गणतंत्र बना. यही कारण है कि दोनों अवसरों पर ध्वज प्रदर्शन की परंपरा भी अलग-अलग रखी गई है. यह अंतर केवल तकनीकी नहीं बल्कि भारत के इतिहास से भी जुड़ा हुआ है.

क्यों जानना जरूरी है यह अंतर?

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों ही राष्ट्रीय गौरव के पर्व हैं, लेकिन इनकी परंपराएं अलग हैं. ध्वज संहिता के अनुसार 15 अगस्त को प्रधानमंत्री Flag Hoisting करते हैं, जबकि 26 जनवरी को राष्ट्रपति Flag Unfurling करते हैं. इस अंतर की सही जानकारी राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और इतिहास को समझने में मदद करती है.