ज्यादा देर आराम नहीं करेंगे रामलला, भक्तों के लिए 15 घंटे गद्दी पर बैठेंगे

रामलला के दर्शन के लिए हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए  रामलला के दर्शन का समय बढ़ा दिया गया है.

Sagar Bhardwaj

Ramlalla Darshan: प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या के राम मंदिर में राम भक्तों का तांता लगा हुआ है. रामलला के दर्शन के लिए हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए  रामलला के दर्शन का समय बढ़ा दिया गया है. अब श्रद्धालु एक दिन में 15 घंटे तक रामलला के दर्शन कर पाएंगे. अब तक यह समय 11 घंटे निर्धारित था, इसमें भी दोपहर के वक्त तीन घंटे के लिए मंदिर के कपाट बंद होने थे.  नई व्यवस्था के तहत अब रामलला के भोग प्रसाद के लिए कुछ देर के लिए ही कपाट बंद किए जाएंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है.

अब तक क्या था रामलला का टाइम टेबल
अब तक जो व्यवस्था थी उसके अनुसार रामलला सुबह 4 बजे जागेंगे. उसके बाद उनका स्नान कराकर श्रृगार आरती की जाएगी. इसके बाद रामलला सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक भक्तों को दर्शन देंगे. इसमें भी दोपहर के वक्त भोग प्रसाद के लिए उनके कपाट बंद करने का प्रावधान था.

क्या है नई व्यवस्था


नई व्यवस्था के अनुसार, रामलला के जागने का समय तो वही रहेगा लेकिन श्रद्धालु अब 8 बजे के बजाय 7 बजे से ही भक्तों को दर्शन करना शुरू कर देंगे. इसके अलावा दोपहर की भोग आरती के समय को भी घटाया गया है और भक्त रात 10 बजे तक उनका दर्शन कर सकेंगे.

हर दिन पहुंच रही लाखों भक्तों की भीड़

बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा के अगले दिन से ही भारी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. मंगलवार को करीब 5 लाख लोगों ने रामलला के दर्शन किये थे. बुधवार को भी रामपथ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. भीड़ इतनी ज्यादा है कि सुरक्षाकर्मियों के लिए उन्हें काबू करना मुश्किल हो रहा है.

पुलिस ने वृद्ध, दिव्यांगों से की दो हफ्ते बाद आने की अपील

अयोध्या आईजी रेंज प्रवीण कुमार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अयोध्या आने की जल्दबाजी न करें और आराम से योजना बनाकर दर्शन के लिए आएं.  उन्होंने कहा कि राम मंदिर आने वालों की भीड़ कम नहीं हो रही है जबकि तैयारियां अधूरी हैं...इसलिए हम वृद्ध और दिव्यांग जनों से अपील कर रहे हैं कि वे दो हफ्तों के बाद दर्शन के लिए आएं.