30 दिन में 63,000 कुत्तों का टीकाकरण, गोवा ने कैसे पाया रेबीज पर काबू? पढ़ें इनसाइड स्टोरी

गोवा में रेबीज के खिलाफ अभियान साल 2014 में शुरू हुआ जब गोवा में रेबीज का खतरा लगातार बढ़ने लगा था. उस साल गोवा में रेबीज से 17 लोगों की मौत हो गई थी.

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Mayank Tiwari

गोवा ने सितंबर 2017 से मानव रेबीज मामलों को लगभग खत्म कर दिया है और 2021 में लगातार तीन सालों तक एक भी मौत न होने के कारण इसे "रेबीज नियंत्रित" राज्य का दर्जा मिला. 2023 में एक मामले ने इस रिकॉर्ड को तोड़ा, लेकिन 2024 में कोई मौत नहीं हुई और इस वर्ष भी अब तक कोई मामला सामने नहीं आया.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा के पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा मंत्री निलकांत हरलंकर ने कहा, "यदि एक भी आवारा कुत्ता टीकाकरण और नसबंदी से चूक जाता है, तो वह आठ या नौ पिल्लों को जन्म दे सकता है, जो जोखिम में होंगे.

रेबीज के खिलाफ गोवा की जंग!

साल 2014 में गोवा में रेबीज एक गंभीर खतरा था,जब 17 लोगों की इस वायरस से मृत्यु हुई थी. उस समय न तो कुत्तों की आबादी (आवारा या पालतू) का विश्वसनीय डेटा था और न ही कुत्तों की मौत का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड. तभी मिशन रेबीज, एक नई एनजीओ, ने एक पायलट सर्वेक्षण शुरू किया, जिसने चौंकाने वाला खुलासा किया. 45 संदिग्ध पशु मामलों में से 39 रेबीज पॉजिटिव पाए गए.

इसके बाद, उन्होंने 30 दिनों में 50,000 कुत्तों को टीका लगाने का टारगेट रखा. 16 देशों के 500 से अधिक पशु चिकित्सकों ने स्थानीय टीमों के साथ मिलकर 63,000 कुत्तों को टीका लगाकर इस लक्ष्य को पार कर लिया.

नीतिगत पहल और प्रभाव

2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने मिशन रेबीज के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पूरे राज्य में टीकाकरण और नसबंदी अभियान शुरू हुआ. इसके परिणामस्वरूप, गोवा में 24 घंटे रेबीज निगरानी, आपातकालीन हॉटलाइन, त्वरित प्रतिक्रिया टीमें और हर तालुका में स्वयंसेवकों ने कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी शुरू की. सितंबर 2017 से मानव रेबीज मामले लगभग गायब हो गए.

कोविड और नई सामने आई चुनौतियां!

कोविड-19 लॉकडाउन ने नई चुनौतियां लाईं. पर्यटन और बाजार बंद होने से पड़ोसी राज्यों के भूखे आवारा कुत्ते गोवा में आए, जिससे सीमावर्ती तालुकों में रेबीज के मामले बढ़े. पशु चिकित्सा सेवा मंत्री निलकांत हरलंकर ने कहा, "हम बार्डर के तालुकों में आवारा कुत्तों का वैक्सीनेशन युद्धस्तर पर कर रहे हैं." जून 2021 से गोवा में पालतू जानवर लाने वालों के लिए टीकाकरण रिकॉर्ड और हॉटलाइन के जरिए घोषणा अनिवार्य कर दी गई.