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हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद क्यों निशाने पर हैं कांग्रेस और जॉर्ज सोरोस? जान लें हर एक बात

Hindenburg Row: हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर हमलावर है. सत्ता पक्ष बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह टूलकिट गैंग के साथ मिलकर काम कर रही है. यह भारतीय शेयर बाजार को अस्थिर करने का प्रयास है. बीजेपी ने दुनिया के प्रमुख व्यवसायी जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस के मिले होने का आरोप लगाया है.

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India Daily Live

Hindenburg Row: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को हिंडनबर्ग की हालिया रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि जॉर्ज सोरोस हिंडनबर्ग में एक बड़े निवेशक हैं. वह भारत के जाने-माने आलोचक हैं. रविशंकर ने कांग्रेस पर भी निशाना साझा. प्रसाद ने कहा कि पीएम मोदी के विरोध के कारण कांग्रेस पर शेयर बाजार और छोटे निवेशकों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. 

यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने जॉर्ज सोरोस को कांग्रेस से जोड़ने की कोशिश की है.  पिछले साल जून में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर सोरोस से संबंध होने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि राहुल ने कई ऐसे लोगों से मुलाकात की है जिन्हें सोरोस से वित्तीय मदद मिली है.

सेबी की जिम्मेदारी? 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शनिवार को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होती है. रविवार को हंगामा होता है. भारत का बाजार शेयरों के मामले में सुरक्षित,स्थिर और आशाजनक बाजार है. बाजार को व्यवस्थित रूप से चलाए रखना सेबी की जिम्मेदारी है. 

कौन हैं जॉर्ज सोरोस?

जॉर्ज सोरोस एक प्रमुख हंगेरियन-अमेरिकी व्यवसायी, निवेशक और परोपकारी व्यक्ति हैं.  उनकी कुल संपत्ति 6.7 बिलियन डॉलर है और उन्होंने ओपन सोसाइटी फाउंडेशन को 32 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान दिया है. फोर्ब्स ने उन्हें उनकी कुल संपत्ति के प्रतिशत के आधार पर सबसे उदार दाता के रूप में मान्यता दी है. फरवरी 2023 में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए जॉर्ज सोरोस ने हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद अडानी समूह की कंपनियों के शेयर बेचने के बारे में बात की.  उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि वह लोकतंत्रवादी नहीं हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा था कि अडानी प्रकरण के कारण भारत में लोकतंत्र नए सिरे से जन्म ले सकता है.