US Israel Iran War

संजय गांधी पार्क में टहलने के लिए 10,000 रुपये फीस? वन विभाग ने हंगामे के बाद फैसला लिया वापस

राज्य सरकार ने संजय गांधी नेशनल पार्क में हर साल सुबह सैर करने वालों के लिए टिकट की कीमतें 348 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव वापिस ले लिया गया है.

X
Ashutosh Rai

पार्क में घूमने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही हैं. महाराष्ट्र वन विभाग ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे कई लोग भड़क गए थे. संजय गांधी नेशनल पार्क में 3,000–5,000 सुबह सैर करने वाले लोग आते हैं. विभाग ने 2500 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था. अब भारी विरोध के बीच प्रस्ताव पर रोक लगा दी गई है.

348 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये सालाना पास

मुंबई के बीच 104 वर्ग किलोमीटर में फैले संजय गांधी नेशनल पार्क में रोजाना सैर करने के लिए कई लोग आते हैं. प्रशासन ने 1 मई से वॉकर्स के लिए सालाना पास 348 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का फैसला किया था. अब वन विभाग ने इस बेतहाशा बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है.

पार्क के खर्चों और रोजाना में हो रही मुश्किलें

एसजीएनपी की निदेशक अनीता पाटिल ने बताया कि पास की कीमतों में यह भारी बढ़ोतरी पार्क के खर्चों और रोजाना के रखरखाव की भरपाई के लिए प्रस्तावित की गई थी. वर्तमान में पूरे पार्क का कामकाज दैनिक टिकटों की बिक्री और पास के नवीनीकरण से होने वाली आय पर निर्भर है. प्रशासन को एहसास हुआ कि 2500 प्रतिशत की यह वृद्धि बहुत अधिक है, तो उन्होंने इसे तुरंत वापस लेने का कड़ा फैसला किया.

नई प्रस्तावित दरें

सरकारी प्रस्ताव में सुबह सैर करने वालों के लिए 1,000 रुपये मासिक फीस का नियम लाया गया था. हालांकि, एक साथ सालाना फीस चुकाने पर भारी छूट के साथ 10,000 रुपये देने का प्रावधान था. वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 5,000 रुपये सालाना और 500 रुपये मासिक तय की गई थी.

राजनीतिक स्तर पर हुआ विरोध

इसका राजनीतिक स्तर पर भी कड़ा विरोध देखने को मिला है. बोरीवली से भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय उपाध्याय ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया. शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि वह इस बढ़ोतरी को किसी भी हालत में लागू नहीं होने देंगे.