Haasan Pendrive Scandal: रेप कांड में बुरे फंसे प्रज्वल, जूनियर रेवन्ना पर दूसरा केस भी दर्ज, SIT की 'रडार' BJP नेता
Haasan Pendrive Scandal: हासन सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. पेनड्राइव स्कैंडल मामले में प्रज्वल के खिलाफ रेप की दूसरी FIR दर्ज की गई है. नए FIR में प्रज्वल को एकमात्र आरोपी बनाया गया है. साथ ही मामले की जांच कर रही SIT ने पूछताछ के लिए भाजपा के एक नेता को भी तलब किया है.
Haasan Pendrive Scandal: कर्नाटक स्कैंडल मामले में फंसे हासन सांसद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मामले की जांच में जुटी SIT ने जूनियर रेवन्ना के खिलाफ नई FIR दर्ज की है. गुरुवार को दर्ज की गई नई FIR में प्रज्वल रेवन्ना को एकमात्र आरोपी बनाया गया है. प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ ये दूसरी FIR है. प्रज्वल रेवन्ना जनता दल सेक्युलर (JDS) चीफ और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं.
JDS के हसन सांसद के खिलाफ FIR में IPC की धारा 376(2)(एन), 506, 354ए(1)(ii), 354(बी), 354(सी) का जिक्र है. साथ ही आईटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गईं हैं. ये धाराएं बार-बार बलात्कार करने, आपराधिक धमकी, यौन सहायता की मांग, किसी महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने, न्यूड या सेमी न्यूड फोटोज अपलोड करने से संबंधित हैं.
प्रज्वल के परिजन के खिलाफ भी आरोप
प्रज्वल रेवन्ना के परिवार के खिलाफ और भी आरोप सामने आए हैं. एक शख्स ने मैसूर के एक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रज्वल की मां के इशारे पर उसकी मां का अपहरण कर लिया गया. युवक ने आगे दावा किया कि उसकी मां कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना के यौन उत्पीड़न की शिकार थी.
इस बीच, SIT ने भाजपा नेता देवराजे गौड़ा को नोटिस भेजकर प्रज्वल रेवन्ना मामले में उनके सामने पेश होने को कहा है. उनसे कथित अश्लील वीडियो वाली पेन ड्राइव के रूप में डिजिटल सबूत भी जमा करने को कहा गया है. दरअसल, दिसंबर 2023 में गौड़ा ने भाजपा आलाकमान और राज्य नेतृत्व को पत्र लिखकर प्रज्वल रेवन्ना को टिकट नहीं देने का अनुरोध किया था. गौड़ा ने कहा था कि रेवन्ना जूनियर को टिकट देने से भाजपा को भारी शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी.
वोटिंग के दिन से ही सवालों के घेरे में हैं प्रज्वल
प्रज्वल रेवन्ना कर्नाटक के हासन में वोटिंग के दिन से ही सवालों के घेरे में हैं. वोटिंग के आसपास उनके पोलिंग एजेंट ने पुलिस से शिकायत की कि रेवन्ना की फर्जी तस्वीरें हासन जिले में व्यापक रूप से प्रसारित की जा रही हैं. ये भी बताया गया कि निर्वाचन क्षेत्र में वोटिंग से पहले सैकड़ों महिलाओं की अश्लील तस्वीरें और वीडियो प्रसारित हो रहे थे, जिन्हें कथित तौर पर खुद रेवन्ना ने रिकॉर्ड किया था. आरोप सामने आने के तुरंत बाद रेवन्ना देश छोड़कर भाग गए और बताया गया कि वह 26 अप्रैल को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट चले गए थे.
27 अप्रैल को कर्नाटक सरकार ने गठित की SIT
27 अप्रैल को सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया. गुरुवार को कर्नाटक सरकार की ओर से गठित एसआईटी ने दुनिया भर के सभी इमिग्रेशन सेंटर्स पर उसके खिलाफ वैश्विक लुकआउट नोटिस जारी किया. गुरुवार को उन्हें SIT के सामने पेश होना था. हालांकि, प्रज्वल रेवन्ना ने मामले में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए बेंगलुरु सेशन कोर्ट में याचिका दायर की है.