किसानों का पूरा कर्ज होगा माफ? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी से इनकार किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि सरकार किसानों को सस्ती ऋण सुविधा और योजनाओं से आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है.
किसानों की कर्ज माफी को लेकर लंबे समय से चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में साफ कहा कि सरकार के पास फिलहाल किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी का कोई प्रस्ताव नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की आय और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कई योजनाएं पहले से लागू हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सस्ता और आसान कर्ज उपलब्ध कराना है.
कर्ज माफी पर सरकार का रुख
लोकसभा में दिए जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान कर्ज माफी की बजाय किसानों को मजबूत बनाने पर है. उनका कहना है कि स्थायी समाधान के लिए जरूरी है कि किसानों को नियमित आय और सस्ती वित्तीय सहायता मिले. इसीलिए सरकार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जो लंबे समय तक किसानों के हित में हों.
सस्ती दर पर ऋण की सुविधा
सरकार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए सस्ती दर पर कर्ज दे रही है. इस योजना के तहत तीन लाख रुपये तक का फसल ऋण रियायती ब्याज पर उपलब्ध कराया जाता है. समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त राहत भी दी जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक बोझ कम महसूस हो.
अन्य योजनाओं से समर्थन
इसके अलावा सरकार ने बिना गारंटी वाले कृषि ऋण की सीमा बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी है. भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त ऋण प्रवाह सुनिश्चित किया जा रहा है. साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी योजनाएं भी किसानों को सीधा लाभ दे रही हैं.
सैनिकों की पेंशन पर स्पष्टीकरण
वित्त मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में सशस्त्र बलों के दिव्यांग कर्मियों की पेंशन पर कर छूट जारी रहने की बात कही. उन्होंने स्पष्ट किया कि नए आयकर कानून में इस छूट को खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसे स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है, ताकि पहले की व्यवस्था बनी रहे.