सरकार ने माना- पहलगाम आतंकी हमले में हुई चूक, सर्वदलीय बैठक के बाद राहुल गांधी ने कही ये बात
बैठक में विपक्षी सांसदों ने सुरक्षा चूक का मुद्दा उठाया. तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने कहा कि संभावित सुरक्षा चूक पर चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया.
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि सभी राजनीतिक दल आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं. सभी दलों की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा, "सभी दल इस बात पर सहमत थे कि वे आतंकवाद के खिलाफ सरकार के साथ एकजुट हैं." इस हमले में कम से कम 28 लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए. उन्होंने बताया कि बैठक में रचनात्मक चर्चा हुई और सरकार के जवाबी कदमों को पूर्ण समर्थन मिला.
सरकार से हुई चूक
सर्वदलीय बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने कहा कि पहलगाम हमले में सरकार से चूक हुई है. उन्होंने कहा कि आईबी और गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने हमले के बारे में जानकारी दी.
सरकार का कड़ा रुख
रिजिजू ने कहा, "बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार देश में आतंकी गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएगी. सभी नेताओं ने सरकार के मौजूदा और भविष्य के कदमों के लिए एकजुटता व्यक्त की." उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में कश्मीर में शांति थी, लेकिन इस हमले ने घाटी के माहौल को बिगाड़ दिया. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों से कश्मीर में सब कुछ सामान्य और शांतिपूर्ण था, लेकिन इस आतंकी हमले ने घाटी के माहौल को नष्ट कर दिया."
विपक्ष का समर्थन
बैठक में विपक्षी सांसदों ने सुरक्षा चूक का मुद्दा उठाया. तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने कहा, "संभावित सुरक्षा चूक पर चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया." उन्होंने जोर देकर कहा, "राष्ट्र को आतंकवाद को खत्म करने की इस लड़ाई में पूरी तरह एकजुट होना चाहिए." कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "सभी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की. विपक्ष ने सरकार को कोई भी कार्रवाई करने के लिए पूर्ण समर्थन दिया है."
बैठक में शामिल नेता
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जेपी नड्डा, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सुप्रिया सुले, असदुद्दीन ओवैसी, और संजय सिंह जैसे प्रमुख नेता शामिल थे. बैठक की शुरुआत में पीड़ितों के लिए मौन रखा गया.