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पहले नाबालिग से किया रेप फिर मारने के लिए कुंए में फेंका, जानें कैसे पुलिस ने आरोपी को दबोचा

Minor Girl raped in Jharkhand: झारखंड के दुमका में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई रेप की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. यह केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि मानवता पर एक गहरा धब्बा है. एक नाबालिग लड़की के साथ इतनी क्रूरता करना किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है.

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पहले नाबालिग से किया रेप फिर मारने के लिए कुंए में फेंका, जानें कैसे पुलिस ने आरोपी को दबोचा
Courtesy: Freepik

Minor Girl raped in Jharkhand: झारखंड के दुमका जिले से एक बेहद ही दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है. एक नाबालिग लड़की के साथ न केवल रेप किया गया, बल्कि उसे जान से मारने के इरादे से एक कुएं में फेंक दिया गया. इस घटना ने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है.

11 साल की बच्ची के साथ किया रेप

यह घटना दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र की है. पीड़िता एक 11 वर्षीय लड़की है. आरोपी ने पहले लड़की के साथ रेप किया और फिर उसे बेहोश होने पर कुएं में फेंक दिया. जब लड़की होश में आई तो वह किसी तरह कुएं से बाहर निकली और अपने परिवार को घटना के बारे में बताया. परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए?

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता को फूलो झानो मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है.

सीडब्ल्यूसी ने इस मामले में क्या कहा?

बच्ची को देखने और उसे समुचित इलाज मुहैया कराने के लिए सीडब्ल्यूसी दुमका की एक टीम अस्पताल पहुंची. टीम में सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष और सदस्य भी शामिल थे जिन्होंने बच्ची का हालचाल लिया. पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार ने बताया कि आरोपी ने लड़की को जान से मारने की नीयत से कुएं में फेंका था.

सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन अमरेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को शर्मसार करने वाली हैं. देश में ऐसी घटनाओं के लिए कड़े कानून भी बने हैं लेकिन ऐसे लोगों को कानून का डर नहीं है.

यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि हमारे समाज में महिलाओं और बच्चों के साथ कितना अत्याचार होता है. ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. हमें सभी को मिलकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करना होगा.