चुनाव आयोग को 11 सीटों से मिले EVM सत्यापन के आवेदन, BJP समेत इन दलों ने की जांच की मांग
EVM Tampering Verification: लोकसभा चुनाव 2024 के खत्म होने के बाद भी अभी चुनाव आयोग का काम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. आयोग ने बताया कि लोकसभा चुनावों में आठ आवेदनों और विधानस सभा के लिए तीन यानी कुल मिलाकर 11 EVM में लगे माइक्रोकंट्रोलर चिप्स में छेड़छाड़ के सत्यापन के लिए आवेदन आए हैं. इसमें बीजेपी, कांग्रेस के साथ ही अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशी शामिल हैं.
EVM Tampering Verification: लोकसभा चुनाव 2024 खत्म हो गए हैं. सरकार बनने से लेकर मंत्रिमंडल के गठन तक का काम हो गया है. अब नए सत्र में आगे की प्रक्रिया जैसे स्पीकर का चुनाव और नेता प्रतिपक्ष का चयन होना है. हालांकि, अभी भी चुनाव से जुड़ी शिकायतों के आने का सिलसिला जा रही है. चुनाव आयोग ने इस संबंध में गुरुवार को जानकारी दी है. आयोग ने बताया कि इसके पास चुनावों में इस्तेमाल की गई EVM के सत्यापन के लिए 11 आवेदन आए हैं. इसमें से 8 लोकसभा और 3 विधानसभा के लिए हैं.
बता दें लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार ने 3, कांग्रेस ने 2, वाईएसआरसीपी ने एक और डीएमके के एक प्रत्याशी ने आवेदन दाखिल किया है. इसमें लोकसभा चुनावों के लिए 8 और विधानसभा के लिए 3 आवेदन आए हैं.
किस ने कहां से की मांग
भाजपा के अहमदनगर (महाराष्ट्र) के उम्मीदवार सुजय विखे पाटिल ने 40 मतदान केंद्रों से मशीनों के सत्यापन की मांग की है. वो एनसीपी (शरद पवार) गुट के नीलेश लंके से हार गए थे. भाजपा उम्मीदवारों ने तमिलनाडु के वेल्लोर और तेलंगाना की जहीराबाद सीटों से ईवीएम सत्यापन के लिए आवेदन किया है. हरियाणा की करनाल और फरीदाबाद सीट, छत्तीसगढ़ की कांकेर सीट से कांग्रेस प्रत्याशियों ने ईवीएम सत्यापन की मांग की है.
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चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी और तमिलनाडु में डीएमके के एक-एक उम्मीदवार ने भी सत्यापन के लिए आवेदन किया है. वहीं विधानसभा के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा से वाईएसआरसीपी और बीजू जनता दल (बीजद) के उम्मीदवारों ने ईवीएम जांच के लिए आवेदन किया है.चुनाव आयोग के मुताबिक कुल 6 प्रदेशों से आठ संसदीय सीटों और 3 विधानसभा सीटों से आवेदन आए हैं. इसमें कुल 92 मतदान केंद्र शामिल हैं.
अब क्या होगा?
आवेदनों के आधार पर जांच के लिए उम्मीदवार को 47,200 रुपए का भुगतान करना होगा. इसमें सत्यापन के लिए निर्माता BEL और ECIL की तरफ से बताए गए 40,000 रुपए प्रति ईवीएम के साथ अन्य खर्च शामिल हैं. इसके साथ 18 फीसदी GST भी लगाई जाएगी.