चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, अब दोगुना मानदेय पाकर मुस्कुराएंगे BLO, सुपरवाइजर और ERO-AERO
चुनाव आयोग ने BLO, सुपरवाइजर, AERO और ERO के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की है. BLO का वार्षिक मानदेय दोगुना कर दिया गया है, जबकि AERO और ERO को पहली बार सम्मान राशि दी जाएगी.
नई दिल्ली: लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव माने जाने वाले फील्ड अधिकारियों को चुनाव आयोग ने वर्षों बाद बड़ी सौगात दी है. वोटर लिस्ट को अधिक सटीक बनाने और फील्ड कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से आयोग ने BLO, BLO सुपरवाइजर, AERO और ERO के मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की.
यह फैसला खासकर उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जो कठिन परिस्थितियों में घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करते हैं. आयोग ने इसे लोकतंत्र मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया.
BLO के मानदेय में सबसे बड़ी बढ़ोतरी
चुनाव आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया है. यह बढ़ोतरी 2015 के बाद पहली बार हुई है. इसके अलावा, मतदाता सूची में संशोधन के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी गई है. आयोग का कहना है कि BLO की मेहनत ही सटीक वोटर लिस्ट तैयार करने की मुख्य कड़ी है.
सुपरवाइजरों को मिला अधिक सम्मान
BLO सुपरवाइजरों के वार्षिक मानदेय में भी बदलाव किया गया है. अब उन्हें 12,000 रुपये के स्थान पर 18,000 रुपये मिलेंगे. सुपरवाइजरों को फील्ड कार्य का समन्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी दी जाती है, इसलिए आयोग ने उनके योगदान को मान्यता देते हुए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है. अधिकारियों के अनुसार यह कदम टीमवर्क को अधिक प्रभावी बनाएगा.
AERO और ERO को पहली बार सम्मान राशि
अब तक AERO और ERO को किसी प्रकार का अलग मानदेय नहीं मिलता था. चुनाव आयोग ने पहली बार इन्हें वार्षिक सम्मान राशि देने का फैसला किया है. AERO को 25,000 रुपये और ERO को 30,000 रुपये प्रति वर्ष दिए जाएंगे. आयोग ने कहा कि ये अधिकारी मतदाता सूची के अंतिम सत्यापन और अनुमोदन प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
बिहार के BLO के लिए विशेष प्रोत्साहन
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान अतिरिक्त मेहनत को देखते हुए बिहार के BLO को 6,000 रुपये का विशेष प्रोत्साहन भी मंजूर किया गया है. यह राशि उन्हें नियमित मानदेय से अलग मिलेगी. बिहार में चल रहे व्यापक मतदाता सूची सुधार अभियान को ध्यान में रखते हुए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मतदाता सूची की शुद्धता को मिला भरोसा
आयोग के प्रेस नोट के अनुसार, सटीक और अद्यतन वोटर लिस्ट ही निष्पक्ष चुनाव की असली आधारशिला है. फील्ड अधिकारियों की निष्ठा और मेहनत को सम्मान देने से न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि मतदाता सूची की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा. आयोग ने स्पष्ट किया कि यह फैसला देशभर के लाखों फील्ड कर्मचारियों के लिए उत्साह और प्रेरणा का स्रोत है.