जम्मू-कश्मीर में फिर दिखे संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन, इलाके में हाई अलर्ट घोषित

जम्मू-कश्मीर के सांबा और पुंछ जिलों में सीमा पार से संदिग्ध ड्रोन देखे जाने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. सेना ने जवाबी कार्रवाई की है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया गया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास एक बार फिर ड्रोन गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर और पुंछ जिले में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया. यह घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को ड्रोन गतिविधियों पर सख्त चेतावनी दी है. सेना का कहना है कि हर चुनौती से निपटने की पूरी तैयारी है.

सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में केसो महांसन गांव के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली. जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया. सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई और ड्रोन रोधी उपाय सक्रिय किए गए. अधिकारियों के मुताबिक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके.

पुंछ के डिगवार गांव में दस मिनट तक हलचल

पुंछ जिले के डिगवार गांव के ऊपर शाम करीब 7.30 बजे एक ड्रोन जैसी वस्तु लगभग दस मिनट तक मंडराती देखी गई. खतरे को भांपते हुए भारतीय सेना ने कुछ राउंड फायर किए ताकि उसे निष्क्रिय किया जा सके. फिलहाल यह साफ नहीं है कि वह वस्तु गिराई गई या सीमा पार लौट गई. इसके बाद पूरे इलाके में सतर्कता और बढ़ा दी गई.

पिछले कुछ दिनों में तीसरी घटना

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार बीते कुछ दिनों में यह तीसरी बार है जब सीमा पार से ड्रोन देखे जाने की सूचना सामने आई है. लगातार हो रही इन घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है. आशंका जताई जा रही है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी या भारतीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है.

आर्मी चीफ की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी

मंगलवार को आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को ड्रोन गतिविधियों को लेकर साफ शब्दों में चेतावनी दे दी है. उन्होंने बताया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में यह मुद्दा उठाया गया और पाकिस्तान से अपने ड्रोन पर लगाम लगाने को कहा गया. जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि ऐसी हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं.

छोटे निगरानी ड्रोन होने की आशंका

ड्रोन घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि ये छोटे और रक्षात्मक ड्रोन हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल सीमा पार भारतीय गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत पश्चिमी मोर्चे पर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.