'गुरुजी जिंदा होते तो...', शीबू सोरेन की फोटो हाथ में लेकर अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के रवैये पर उठाए सवाल

अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर पहुंचे. उनके साथ गुरुजी शीबू सोरेन की तस्वीर थी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर गुरुजी आज जीवित होते तो इस आंदोलन में उनके साथ खड़े होते. शीबू सोरेन ने अपनी पूरी जिंदगी गरीबों और वंचितों के लिए लड़ाई लड़ी और आंदोलन किए.

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रांची में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों का विधानसभा घेराव मार्च तेज हो गया है. छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोका, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे के रास्ते से विधानसभा की दीवार तक पहुंच गए. कुछ अभ्यर्थी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े. एक प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ भी गया.

शीबू सोरेन की फोटो हाथ में लेकर क्या बोले देवेंद्र नाथ महतो?

इस दौरान अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर पहुंचे. उनके साथ गुरुजी शीबू सोरेन की तस्वीर थी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर गुरुजी आज जीवित होते तो इस आंदोलन में उनके साथ खड़े होते. शीबू सोरेन ने अपनी पूरी जिंदगी गरीबों और वंचितों के लिए लड़ाई लड़ी और आंदोलन किए. आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी तस्वीर इस प्रदर्शन में शामिल है.


देवेंद्र महतो ने हेमंत सोरेन से सवाल किया. उन्होंने कहा कि अगर हेमंत सोरेन गुरुजी को अपना आदर्श मानते हैं तो इस आंदोलन को समझें. मैं यहां जान जोखिम में डालकर आया हूं. मैं चल नहीं सकता. पुलिस से झड़प या भगदड़ हो सकती है. टियर गैस के गोले छोड़े जा सकते हैं. फिर भी मैं भाग नहीं पाऊंगा. जब तक सरकार हमारी बात नहीं सुनेगी, आंदोलन जारी रहेगा.

सिर्फ चावल और सूखी रोटी पर टिके हुए

महतो ने बताया कि अनशन के दौरान वे सिर्फ चावल और सूखी रोटी पर टिके हुए हैं. प्रदर्शन के बाद भी यही जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि कांटेदार तार वाले बैरिकेड से उन्हें अनशन से भी ज्यादा तकलीफ हुई है.

झारखंड सरकार ने इस बीच अपना रुख साफ किया. सरकार ने कहा कि अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति दी गई है. उनके खिलाफ पेलेट गन, टियर गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल नहीं होगा. सरकार का दावा है कि उसकी शक्ति के दायरे में आने वाली लगभग सभी मांगों पर सहमति हो चुकी है. लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला सिर्फ राज्य सरकार अकेले नहीं ले सकती.

प्रदर्शनकारी नई विधानसभा भवन की ओर बढ़ रहे हैं. वे अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं. देवेंद्र महतो जैसे नेताओं की उपस्थिति से आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है. शीबू सोरेन की तस्वीर लेकर उन्होंने हेमंत सोरेन को आईना दिखाने की कोशिश की है. अभ्यर्थी अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहरा रहे हैं.