'सुकेश की चिट्ठी पर इनका प्रेम उमड़ता है और केजरीवाल लिखते हैं तो...', आतिशी के तिरंगा फहराने पर फंसा पेच तो भड़क गए सिसोदिया
Delhi Government: दिल्ली में 15 अगस्त को तिरंगा फहराने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने तिरंगा फहराने के लिए मंत्री आतिशी का नाम भेजते हुए कहा था कि यह सीएम केजरीवाल की इच्छा है. अब इस पर सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि यह नियमों के खिलाफ है और इस आदेश को नहीं माना जा सकता है. इस पर मनीष सिसोदिया ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे पावन मौके पर भी टुच्ची राजनीति की जा रही है.
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली में तिरंगा झंडा फहराने को लेकर अब नया बवाल शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल में बंद होने की वजह से दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने आतिशी का नाम भेजकर कहा था कि केजरीवाल की जगह पर वही तिरंगा फहराएंगी. अब सामान्य प्रशासन विभाग के अडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने ऐसा किए जाने से इनकार कर दिया है. इस पर दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे वक्त में भी ऐसी गंदी राजनीति खेली जा रही है. उन्होंने महाठग सुकेश चंद्रशेखर का जिक्र करते हुए कहा कि वह जेल से चिट्ठी लिखता है तो उपराज्यपाल साहब की बांछें खिल जाती हैं और अरविंद केजरीवाल कुछ लिखते हैं तो उसे पूछते भी नहीं हैं.
हर साल दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री तिरंगा फहराते हैं. इस बार वह जेल में हैं ऐसे में तिरंगा नहीं फहरा पाएंगे. ऐसे में दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि आतिशी तिरंगा फहराएंगी. अब गोपाल राय की चिट्ठी पर दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अडिशनल सेक्रेटरी नवीन कुमार चौधरी ने जवाब भेजा है. यह जवाब आते ही AAP के नेता आक्रामक मोड में आ गए हैं.
भड़क गए मनीष सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने अब इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूरण है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे पावन अवसर पर इतनी टुच्ची पॉलिटिक्स हो रही है. मैं अखबारों में पढ़ता रहता हूं कि जेल में बंद एक महाठग सुकेश हैं. वो कोई चिट्ठी लिखता है तो तिहाड़ प्रशासन भी बाकायदा उसे एलजी साहब को सबमिट करता है और एलजी साहब भी उस पर बाकायदा एक्शन लेते हुए कार्रवाई करते हैं. जब दिल्ली के चुने हुए चीफ मिनिस्टर चिट्ठी लिखते हैं तो एलजी साहब तिहाड़ प्रशासन को कहते हैं कि खबरदार जो इनकी चिट्ठी भेजी. जब सुकेश चिट्ठी लिखते हैं तो मुझे लगता है कि पूरा का पूरा एलजी ऑफिस इंतजार करता होगा कि अरे भाई एक-एक सेकेंड भारी पड़ रहा है, सुकेश जी की चिट्ठी कहां है?'
उन्होंने आगे कहा, 'सुकेश की चिट्ठी पर जिन एलजी साहब का इतना प्रेम उमड़ता है और उसके एक-एक शब्द को ब्रह्म वाक्य मानते हुए, सत्य मानते हुए उनकी बांछें खिल जाती हैं, उनका रोम-रोम पुलकित हो उठता है. केजरीवाल जी की चिट्ठी भी मंगा लेते भाई कि कहां है. स्वतंत्रता दिवस तो बहुत महान अवसर है और अगर उसके बारे में सिटिंग सीएम ने कोई चिट्ठी लिखी है तो उनके ऑफिस को एक फोन ही करना था कि भाई सुना है सीएम ने चिट्ठी लिखी है, कहां है, भेज दो. नहीं, इनको न तो स्वतंत्रता से कोई लेना-देना है, न देशप्रेम से कोई लेना-देना है. इनके प्रेमी तो सुकेश जैसे लोग ही हैं.'
सामान्य प्रशासन विभाग ने लिखी चिट्ठी
इस चिट्ठी में लिखा गया है, 'स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे कार्यक्रम राष्ट्रीय इवेंट हैं और इनमें किसी तरह का बदलाव इनकी गरिमा को कम करेगा. मैं दिल्ली प्रीजन रूल्स 585, 588, 620 और 627 की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा. इन नियमों में साफ लिखा है कि इस तरह से संवाद जेल से बाहर नहीं भेजे जा सकते हैं. ऐसे में इस तरह के लिखित या मौखिक संवाद नियमों के खिलाफ हैं और ये कानूनी रूप से मान्य भी नहीं है इसलिए इनका पालन नहीं किया जा सकता है.'
इसमें आगे लिखा है, 'सामान्य प्रशासन विभाग ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए माननीय मुख्यमंत्री की उपलब्धता के बारे में पूछा थे. हालांकि, उनके न्यायिक हिरासत में होने के चलते सीएम के दफ्तर ने कहा है कि वह उपलब्ध नहीं होंगे. ऐसे में यह मामला उच्च संस्थाओं के संज्ञान में लाया गया है और उनका फैसला आना बाकी है. सामान्य प्रशासन विभाग अन्य विभागों की मदद से तैयारियां कर रहा है ताकि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहले की तरह ही छत्रसाल स्टेडियम में कार्यक्रम का आयोजन किया जा सके.'
इससे पहले गोपाल राय ने तिहाड़ जेल में सीएम केजरीवाल से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को चिट्ठी लिखकर कहा था, 'मैंने आज माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात की. उनकी इच्छा है कि छत्रसाल स्टेडियम में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी जगह माननीय मंत्री आतिशी तिरंगा झंडा फहराएं. इसी के हिसाब से सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं.'