दिल्ली विस्फोट के 2 दिन बाद पीएम मोदी की उच्च स्तरीय बैठक, अमित शाह और राजनाथ सिंह हुए शामिल
भूटान की दो दिवसीय यात्रा से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को हुए विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए हवाई अड्डे से सीधे मध्य दिल्ली स्थित लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल पहुंचे.
दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट में 10 लोगों की मौत और एक दर्जन से ज़्यादा घायल होने के दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम अपने आवास पर एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई. गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री स्थिति का आकलन करने के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं.
भूटान की दो दिवसीय यात्रा से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को हुए विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए हवाई अड्डे से सीधे मध्य दिल्ली स्थित लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल पहुंचे.
एलएनजेपी अस्पताल में घायलों से मिले पीएम मोदी
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, "एलएनजेपी अस्पताल गया और दिल्ली में विस्फोट के दौरान घायल हुए लोगों से मुलाकात की. सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. साजिश के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा!"
अस्पताल में प्रधानमंत्री को डॉक्टरों और सुरक्षा अधिकारियों ने पीड़ितों की स्थिति के बारे में जानकारी दी. सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से चल रहे ट्रैफ़िक के बीच एक हुंडई i20 कार में विस्फोट हो गया. इस विस्फोट में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और लगभग दो दर्जन अन्य घायल हो गए.
एनआईए कर रही जांच
मंगलवार को गृह मंत्रालय ने आतंकी साजिश के सबूत मिलने का हवाला देते हुए मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी. इसके बाद, एनआईए ने पुलिस अधीक्षक और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में एक टीम गठित की है. सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद समर्थित मॉड्यूल ने 2008 के 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों से प्रेरित होकर दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में समन्वित हमलों की एक श्रृंखला की योजना बनाई थी.
कथित तौर पर संदिग्धों ने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए लगभग 200 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) तैयार किए थे. उनके निशाने पर कथित तौर पर लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, गौरी शंकर मंदिर, देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशन और शॉपिंग मॉल जैसे प्रमुख स्थल शामिल थे. अधिकारियों का कहना है कि समूह का इरादा धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक अशांति भड़काना था.