बाढ़ के बाद अब मगरमच्छ का आतंक; गुजरात में बिगड़े हालात, अब तक 28 लोगों की मौत
गुजरात में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 26 लोगों की मौत हुई है. 18 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है. PM नरेंद्र मोदी ने आज फिर CM भूपेंद्र पटेल को फोन करके हालात का जायजा लिया है. विधायक रीवाबा जडेजा ने कॉलोनियों में जाकर बाढ़ के हालात का जायजा लिया है. विश्वामित्री नदी उफान पर है, जिसके कारण पूरे शहर में नदी का पानी भर गया है.
गुजरात में हो रही भारी मुसलाधार बारिश से हालात लगातार खराब हो रही है. कल यानी बुधवार को द्वारका, जामनगर, राजकोट और पोरबंदर जिलों में 12 घंटे में 50 मिमी से 200 सस के बीच बारिश दर्ज की गई. वहीं आज यानी गुरुवार को भी पूरे प्रदेश में जोरदार बारिश हो रही है. वहीं आज सूबे के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सुबह-सुबह राज्य के बिगड़ते हालात पर पीएम मोदी से फोन पर बात की. उन्होंने राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली. साथ ही केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिया है.
यहां बारिश से जनजीवन किस कदर प्रभावित है इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि पानी में रहने वाला मगरमच्छ रिहायशी इलाकों में बने घरों की छत पर आराम कर रहा है. सुन कर आप हैरान जरूर होंगे लेकिन यह सच है. दरअसल गुजरात के वडोदरा के अकोटा स्टेडियम क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक घर की छत पर मगरमच्छ पहुंच गया. इससे न सिर्फ इलाके में दहशत फैल गई बल्कि आसपास के लोग काफी डर गए.
18 हजार लोगों का रेस्क्यू
बता दें कि गुजरात में अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में करीब 28 लोगों की मौत हो गई है, यहां बीते चार दिनों में जान गंवाने वाले संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. वहीं बाढ़ से 18 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है. पुलिस अधिकारी के मुताबिक जान गंवाने वाले लोगों में 7 ऐसे लोग है जो बीते रविवार को मोरबी जिले के हलवद तालुका के धवना गांव के पास एक पुल को पार करते समय एक ट्रैक्टर ट्राली के बह जाने के बाद से लापता हो गए थे. इसी पुल के पास से सभी शव को बरामद किया गया है.
रीवाबा जडेजा ने कॉलोनियों में जाकर किया जायजा
फिलहाल पूरे प्रदेश में राहत बचाव की टीम मौजूद है जो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम कर रही है. वहीं जामनगर में भी भारी बारिश से हालात खराब है. विधायक रीवाबा जडेजा ने कॉलोनियों में जाकर बाढ़ के हालात का जायजा लिया है. विश्वामित्री नदी उफान पर है, जिसके कारण पूरे शहर में नदी का पानी भर गया है.