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Ranveer Allahbadia Controversy: अश्लील कॉमेडी को लेकर कांग्रेस सांसद का PM मोदी को मैसेज, कहा- 'जिम्मेदारी उठाएं'

Ranveer Allahbadia Controversy: फेमस यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया के खिलाफ हाल ही में एक केस दर्ज किया गया, जिसके बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक गंभीर संदेश भेजा है.

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Anvi Shukla

Ranveer Allahbadia Controversy: फेमस यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया के खिलाफ हाल ही में एक केस दर्ज किया गया, जिसके बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक गंभीर संदेश भेजा है. शशि थरूर ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर गलत और असंवेदनशील टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जिससे सोशल मीडिया को सेफ जगह बनाया जा सके.

रणवीर अल्लाहबादिया का विवादित कमेंट: रणवीर अल्लाहबादिया, जो "बियर बाइसेप्स" नामक यूट्यूब चैनल के मालिक हैं, ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान दिया था, जो महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों के लिए अनुचित और असंवेदनशील था. उनकी टिप्पणियों ने न केवल उनके फैंस को, बल्कि कई सोशल वर्कर्स और राजनीतिक नेताओं को भी नाराज किया. इसके बाद, उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है. 

शशि थरूर का क्या कहना है?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें. उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर इस प्रकार के बयान न केवल समाज को गलत दिशा में ले जाते हैं, बल्कि यह हमारे युवाओं के मानसिकता को भी प्रभावित कर सकते हैं. प्रधानमंत्री को इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए." 

क्या कहते हैं यूजर्स?

सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सरकार को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, यह जरूरी है कि लोग अपनी टिप्पणियों के प्रति जिम्मेदार रहें और सोशल मीडिया पर असंवेदनशीलता को बढ़ावा देने वाली टिप्पणियों को रोकने के लिए कानूनी और नैतिक दायित्वों का पालन करें.

रणवीर अल्लाहबादिया पर केस दर्ज होने के बाद शशि थरूर का संदेश यह दर्शाता है कि राजनीति और समाज में सार्वजनिक भाषण और मीडिया के माध्यम से की जाने वाली टिप्पणियां बहुत मायने रखती हैं. यह घटनाएं इस बात को और भी महत्वपूर्ण बनाती हैं कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदार बयानबाजी हो और अनुचित और घातक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं.