US Israel Iran War IMD Weather

'चाइनीज ड्रोन' का प्रदर्शन करके राहुल गांधी ने मोल ली नई मुसीबत! जानें किसने किया पलटवार?

हालांकि ड्रोन उद्योग अभी अपनी शुरुआती अवस्था में है और इसमें कई सुधार की आवश्यकता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि बिना किसी ठोस सुझाव के केवल आलोचना से कुछ हासिल नहीं होगा. भारत में ड्रोन तकनीक की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रयास हो रहे हैं, जिनमें उद्योग, शैक्षिक संस्थान और नीति निर्माता मिलकर काम कर रहे हैं.

X@RahulGandhi
Mayank Tiwari

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अब एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं, जिसमें उन्होंने एक प्रतिबंधित चीनी ड्रोन का प्रदर्शन किया. इस वीडियो में राहुल गांधी ने यह कहा कि भारत को "मजबूत उत्पादन आधार" की आवश्यकता है, ताकि ड्रोन जैसी तकनीक का उत्पादन किया जा सके, और "खाली शब्दों" से कुछ हासिल नहीं होगा.

दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार (16 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक ट्वीट पोस्ट किया, "ड्रोन सिर्फ एक तकनीक नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत औद्योगिक प्रणाली से उत्पन्न निचले से ऊपर की नवाचार हैं.

जानिए क्या है पूरा मामला?

राहुल गांधी के इस वीडियो पर विरोधी प्रतिक्रियाएं आईं, जिसमें ड्रोन्स फेडरेशन इंडिया (DFI) के अध्यक्ष स्मित शाह ने उनकी आलोचना की. स्मित शाह ने कहा, "राहुल गांधी ने भारत के ड्रोन उद्योग को नकारते हुए एक प्रतिबंधित चीनी DJI ड्रोन को गर्व से दिखाया." उन्होंने यह भी कहा कि भारत में 400 से अधिक कंपनियां ड्रोन का निर्माण करती हैं और 50 से अधिक कंपनियां ड्रोन के घटक, जैसे बैटरी, प्रोपेलर, फ्लाइट कंट्रोलर और मोटर्स का निर्माण करती हैं.

राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए ड्रोन्स फेडरेशन

शाह ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए राहुल गांधी के बयान को गलत बताया और उन पर कुछ गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा, "ड्रोन को भारत में प्रतिबंधित होने के बावजूद कैसे प्राप्त किया गया? क्या उन्होंने ड्रोन उड़ाने के लिए आवश्यक रिमोट पायलट प्रमाणपत्र प्राप्त किया था? क्या उन्होंने MoCA/MHA से अनुमति ली थी?"

इसके अतिरिक्त, पूर्व इंफोसिस CFO मोहनदास पई ने भी राहुल गांधी को फटकारते हुए कहा कि उन्हें "भारत को नीचा दिखाने की अपनी झूठे नैरेटिव को बंद कर देना चाहिए.