'मैं देश के OBC समुदाय से माफी मांगता हूं कि मैंने...', राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने OBC समुदाय के लिए जातिगत जनगणना को एक आवश्यक कदम बताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा.

Sagar Bhardwaj

कांग्रेस के 'भागीदारी न्याय सम्मेलन' में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के मुद्दों पर अपनी गलती स्वीकार की. उन्होंने कहा कि 2004 से राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद, उन्होंने OBC समुदाय के हितों की रक्षा उतनी गंभीरता से नहीं की, जितनी जरूरी थी. राहुल गांधी ने इस कमी को अपनी व्यक्तिगत गलती करार देते हुए इसे सुधारने का संकल्प लिया."मैंने OBC के हितों की पर्याप्त रक्षा नहीं की"

मैंने ओबीसी के हितों की उतनी रक्षा नहीं की


राहुल गांधी ने भावुक अंदाज में कहा, "मैं 2004 से राजनीति में हूं... जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे लगता है कि मैंने एक गलती की. मैंने OBC समुदाय के हितों की उतनी रक्षा नहीं की, जितनी करनी चाहिए थी. उस समय मैं आपके मुद्दों को गहराई से नहीं समझ सका. मेरा अफसोस है कि अगर मुझे उस समय आपकी (OBC) इतिहास और समस्याओं के बारे में थोड़ा और पता होता, तो मैं तुरंत जातिगत जनगणना करवाता. यह मेरी गलती थी, न कि कांग्रेस पार्टी की. मैं इस गलती को सुधारने जा रहा हूं."

जातिगत जनगणना का संकल्प

राहुल गांधी ने OBC समुदाय के लिए जातिगत जनगणना को एक आवश्यक कदम बताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा. इस बयान से उन्होंने OBC समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने की बात कही.

कांग्रेस की नई रणनीति

कांग्रेस नेता का यह बयान पार्टी की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य सामाजिक न्याय के मुद्दों को केंद्र में लाना है. राहुल गांधी का यह कदम OBC वोटरों को आकर्षित करने और सामाजिक समानता के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.