कॉकरोच जनता पार्टी ने नियुक्त किए तीन प्रवक्ता, 6 जून के प्रदर्शन से पहले उठाया बड़ा कदम
6 जून को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन नए प्रवक्ताओं की घोषणा की है. संगठन का कहना है कि ये चेहरे युवाओं, शिक्षा और जनहित के मुद्दों को जनता और मीडिया तक पहुंचाएंगे.
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में 6 जून को होने वाले प्रदर्शन से पहले अपने संचार तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. संगठन ने तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की है जो अब आंदोलन की ओर से मीडिया और आम लोगों के सामने अपनी बात रखेंगे. इन नियुक्तियों के साथ संगठन ने यह संकेत दिया है कि वह परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज को और व्यापक स्तर तक पहुंचाना चाहता है.
तीन नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी
संगठन ने सौरव दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका को प्रवक्ता नियुक्त किया है. इनमें सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है. संगठन के अनुसार दास लंबे समय से कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मामलों पर खोजी पत्रकारिता करते रहे हैं. बयान में यह भी कहा गया कि नवंबर 2025 में इंडिया गेट पर हुए प्रदूषण विरोधी आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी. अपनी नई जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए दास ने कहा कि देश का युवा अब अपने भविष्य को लेकर जवाब चाहता है और समय आ गया है कि उसकी आवाज को गंभीरता से सुना जाए.
विजेता दहिया का रचनात्मक अनुभव
नई टीम में शामिल विजेता दहिया लेखन, फिल्म निर्माण और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में पहचान रखते हैं. उन्होंने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर काम किया है. दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र दहिया कई चर्चित पुस्तकों के लेखिक भी हैं. इसके अलावा उन्होंने हरियाणवी फिल्मों जैसे दरारे और ओपरी पराई का लेखन और निर्देशन भी किया है. दहिया ने ध्रुव राठी जैसे विभिन्न यूट्यूब क्रिएटर्स के लिए रिसर्च और कंटेंट के क्षेत्र में भी काम किया है. संगठन का मानना है कि उनकी रचनात्मक समझ और शोध आधारित अनुभव आंदोलन के संदेश को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगा. युवाओं के बीच उनकी पहचान भी इस भूमिका में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
IIT कानपुर से पासाआउट हैं आशुतोष रांका
आशुतोष रांका इस टीम के तीसरे प्रवक्ता हैं. उन्होंने आईआईटी कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से शिक्षा प्राप्त की है. रांका पहले लंदन में एक वैश्विक प्रबंधन परामर्श कंपनी के साथ काम कर चुके हैं. भारत लौटने के बाद उन्होंने जयपुर में पर्यावरण, शिक्षा और युवाओं से जुड़े कई अभियानों में भाग लिया. संगठन ने उनके सामाजिक अनुभव और जनसंपर्क क्षमता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी है. नियुक्ति की घोषणा के बाद रांका ने आंदोलन के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और युवाओं के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही.
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
नए प्रवक्ताओं की घोषणा के कुछ घंटों बाद संगठन ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की जानकारी दी. बताया गया कि इस कार्यक्रम में 6 जून को प्रस्तावित प्रदर्शन की रूपरेखा साझा की जाएगी. यह प्रदर्शन सीबीएसई, नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर प्रस्तावित है. संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस विरोध का आह्वान किया है. इस बीच पर्यावरण कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन के समर्थन की घोषणा की है जिससे इस आंदोलन की अहमियत बढ़ गई है.