काली कमाई की खुल गई गठरी! संजय भंडारी केस में ED ने रॉबर्ट वाड्रा पे लगाए गंभीर आरोप?

संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं.

Avinash Kumar Singh

नई दिल्ली: संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. ED ने आरोप लगाया कि रॉबर्ट वाड्रा ने लंदन में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अर्जित एक प्रोपर्टी का रेनोवेशन किया और वहां ठहरे. जो रक्षा डीलर और लंदन स्थित भगोड़े संजय भंडारी के मनी लॉन्ड्रिंग अपराध का पैसा है. 

ED की ओर से दायर चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा का नाम

ED 2018 से रॉबर्ट वाड्रा के साथ भंडारी के कथित संबंधों की सक्रिय रूप से जांच कर रही है. यह पहली बार है कि जब जांच एजेंसी ने इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा का नाम लिया है. ED ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि उसने इस मामले में यूएई स्थित एनआरआई व्यवसायी सी सी या चेरुवथुर चकुट्टी थम्पी और यूके के नागरिक सुमित चड्ढा के खिलाफ एक नया आरोप पत्र दायर किया है. जांच से पता चला है कि संजय भंडारी के पास कई अघोषित विदेशी आय और संपत्तियां हैं, जिनमें कई संपत्तियां भी शामिल हैं. जो अपराध की कमाई की है.

थम्पी रॉबर्ट वाड्रा का करीबी सहयोगी

ED की ओर से दायर चार्जशीट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि सीसी थम्पी और सुमित चड्ढा को अपराध की इन आय को छिपाने और उपयोग करने में शामिल पाया गया है. उसकी जांच से पता चला है कि थम्पी रॉबर्ट वाड्रा का करीबी सहयोगी है. रॉबर्ट वाड्रा ने न केवल सुमित चड्ढा के माध्यम से लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर में प्रोपर्टी का रेनोवेशन किया, बल्कि उसी में रहे भी. ईडी का आरोप है कि वाड्रा और सीसी थंपी ने दिल्ली के पास फरीदाबाद में जमीन का एक बड़ा हिस्सा खरीदा और एक-दूसरे के साथ वित्तीय लेनदेन भी किया. इस मामले में ईडी पहले भी वाड्रा से पूछताछ कर चुकी है लेकिन उन्होंने तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे है. 

ब्रिटिश सरकार ने संजय भंडारी के प्रत्यर्पण को दे दी है मंजूरी 

आयकर विभाग की अधिकारियों की ओर से काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत शिकायत दर्ज करने के बाद ED ने संजय भंडारी के खिलाफ अपनी जांच शुरू की. संजय भंडारी 2016 में ब्रिटेन भाग गया था. ब्रिटिश सरकार ने ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के कानूनी अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए इस साल जनवरी में भारत में उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी. ईडी और सीबीआई विदेश में कथित अघोषित संपत्ति रखने के लिए संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के आरोपों की जांच कर रही हैं.