7 साल के इंतजार के बाद आया नूंह गैंगरेप का फैसला, 4 दोषियों को मिली फांसी

Nuh Gangrape Case Judgement: नूंह गैंगरेप मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 4 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है.

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Nuh Gangrape Case Judgement: हरियाणा के नूंह में हुए दो गैंगरेप और डबल मर्डर केस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने पंचकूला में शनिवार को चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है.

सीबीआई के स्पेशल जज राजीव गोयल ने 17 पन्नों का आदेश जारी करते हुए चारों आरोपियों विनय उर्फ लंबू, जय भगवान, हेमंत चौहान और अयान चौहान को तब तक फांसी पर लटकाया रहा जाए जब तक उनकी मौत न हो जाए. जज ने चारों आरोपियों पर कुल 8 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.

'समाज के लिए गंभीर खतरा हैं अपराधी'

दोषियों को सजा सुनाते हुए स्पेशल जज ने कहा कि अपराधी अत्यंत गंभीर एवं संगीन अपराध करने के आदी होने के कारण समाज के लिए गंभीर खतरा हैं. उनके सुधार और पुनर्वास की संभावना बहुत कम है. फैसला सुनाते ही जज ने अपनी पेन की निब तोड़ दी.

बीते महीने की 10 अप्रैल को सीबीआई कोर्ट ने सभी चार आरोपियों को गैंग रेप और डबल मर्डर केस में दोषी करार दिया था.  आरोपियों को 6 अन्य चार्ज में आरोपियों को बरी किया गया था

2016 में हुआ था जघन्य अपराध

इस जघन्य अपराध को साल 2016 में 25 अगस्त की रात को अंजाम दिया गया था. नूंह के डिंगरहेड़ी गांव में कुल्हाड़ी गैंग के 4 लोग एक घर में घुसे थे. आरोपियों ने 2 बहनों का रेप किया था, जिसमें से एक नाबालिग थी. दोनों बहनों के चाचा-चाची को मौत के घाट उतार दिया था. शुरुआती दौर में हरियाणा पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी. लेकिन जनता के आक्रोश को देखते हुए इस केस को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था.

6 आरोपियों को किया गया था बरी

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में 12 आरोपियों के नाम दर्ज किए थे. इनमें से एक आरोपी ने कोर्ट द्वारा समन जारी करने के बाद आत्महत्या कर ली थी. बचे हुए एक आरोपियों में से ट्रायल के दौरान पैरोल पर बाहर निकलने के बाद उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था.

10 में से 6 आरोपियों तेजपाल, अमित, रविंद्रर, करमजीत, संदीप और राहुल वर्मा को पिछले महीने इस केस में बरी कर दिया गया था.

4 आरोपियों को POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया था. शनिवार को सभी चार दोषियों को भारी सुरक्षा बल के साथ कोर्ट में पेश किया गया. सजा सुनाए जाने के बाद सीबीआई के स्पेशल जज ने आदेश की कॉपी अंबाला जेल को भेजने का आदेश दिया.