'जातीय जनगणना संवेदनशील मुद्दा, इससे एकता और अखंडता को खतरा...', RSS ने कह दी बड़ी बात
Caste Census: RSS ने जातिगत जनगणना पर टिप्पणी करते हुए इसे बेहद संवेदनशील मुद्दा और समाज की एकता के लिए इसे खतरा बताया है. साथ ही, आरएसएस ने यह भी कहा है कि बेहद जरूरी होने पर दलितों की जनगणना कराने का अधिकार सरकार के पास है लेकिन इसका इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
Caste Census: जातिगत जनगणना को लेकर जारी बहस और विपक्ष की मांग के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने बड़ा बयान दिया है. केरल में चल रही अखिल भारतीय समन्वक के मंच से जातिगत जनगणना को एक संवेदनशील मुद्दा बताया गया है. इसी कार्यक्रम में कई अन्य मुद्दों पर भी आरएसएस ने अहम फैसले लिए हैं. जातिगत जनगणना पर टिप्पणी करते हुए आरएसएस ने कहा है कि इससे समाज की एकता और अखंडता को खतरा है. बताते चलें कि तमाम विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ एनडीए में शामिल दल भी अब मांग उठाने लगे हैं कि देश में जातिगत जनगणना कराई जानी चाहिए. एनडीए की सहयोगी जेडीयू और एनसीपी जैसी पार्टियों ने भी जातिगत जनगणना की मांग का समर्थन किया है.
आरएसएस के इस कार्यक्रम में समाज के तमाम मुद्दों को लेकर चर्चा की गई. कोलकाता रेप एंड मर्डर केस के बहाने महिला सुरक्षा पर भी चर्चा हुई और इसके लिए नए कदम उठाने की बात कही गई. हालांकि, यह भी कहा गया कि कल्याणकारी उद्देश्यों खासकर दलित समुदाय की संख्या जानने के लिए सरकार को उनकी जनगणना कराने का अधिकार है.
अब इस पर कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आ गई है. कांग्रेस ने लिखा है, 'RSS ने जातिगत जनगणना का खुलकर विरोध कर दिया है. RSS का कहना है कि जातिगत जनगणना समाज के लिए सही नहीं है. इस बयान से साफ है कि BJP और आरएसएस जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहते. वे दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को उनका हक नहीं देना चाहते लेकिन लिखकर रख लीजिए. जातिगत जनगणना होगी और कांग्रेस ये कराएगी.'