ब्रेन-डेड रिटायर्ड सूबेदार ने 3 सैनिकों को दिया नया जीवन, जानें क्या है मल्टी-ऑर्गन हार्वेस्ट सर्जरी?
Multi-Organ Harvest Surgery: हिमाचल के पालमपुर के रहने वाले अर्जुन सिंह संगोत्रा रिटायर्ड सूबेदार थे. पिछले दिनों ब्रेड डेड होने के बाद उनके शरीर के अंगों की मदद से सेना के तीन गंभीर रूप से बीमार जवानों को नया जीवन मिला है.
Multi-Organ Harvest Surgery: हिमाचल प्रदेश के अर्जुन सिंह संगोत्रा, जब तक जिंदा थे, देश की सेवा में लगे रहे. वे रिटायर्ड सूबेदार थे. ब्रेन-डेड होने के बाद रिटायर्ड सूबेदार ने 3 सैनिकों को नया जीवन दिया है. रिटायर्ड सूबेदार ने 3 सैनिकों की मौत के बाद लीवर, किडनी और कॉर्निया दान कर उन्हें जीवनदान दिया है.
पश्चिमी कमान अस्पताल, चंडीमंदिर की अंग रिकवरी एंड ट्रांसप्लांट टीम ने एक ब्रेन-डेड मरीज की मल्टी-ऑर्गन हार्वेस्ट सर्जरी की, जिससे तीन गंभीर रूप से बीमार सैनिकों को नया जीवन मिला. हिमाचल प्रदेश के पालमपुर के 70 साल के सूबेदार अर्जुन सिंह संगोत्रा (सेवानिवृत्त) करीब 30 साल तक भारतीय सेना में रहे. वे रिटायर्ड होने से पहले जम्मू-कश्मीर राइफल्स में तैनात थे. उन्हें 14 मई 2024 को ब्रेन स्ट्रोक के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. उनकी मौत के बाद मृतक के परिजनों ने मरीज का लीवर, किडनी और कॉर्निया दान करने का फैसला किया.
ब्रिगेडियर अनुज शर्मा, प्रोफेसर और सर्जिकल टीम के प्रमुख और चीफ ट्रांसप्लांट कॉअर्डिनेटर कर्नल अनुराग गर्ग के नेतृत्व में ट्रांसप्लांट टीम ने अर्जुन सिंह संगोत्रा के शरीर से अंग निकालने और ग्रीन कॉरिडोर के जरिए दिल्ली कैंट के आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) तक एक घंटे में पहुंचने के लिए मेगा ऑपरेशन चलाया.
हरियाणा में आर्मी के वेस्ट कमांड अस्पताल में पूरी की गई प्रोसेस
अर्जुन सिंह संगोत्रा की मल्टी-ऑर्गन हार्वेस्ट प्रोसेस हरियाणा में सेना के पश्चिमी कमान अस्पताल में की गई. ऑर्गन ट्रांसप्लांट सर्जिकल टीम के प्रोफेसर और चीफ ब्रिगेडियर अनुज शर्मा और चीफ ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर कर्नल अनुराग गर्ग ने ट्रांसप्लांट टीम का नेतृत्व किया. भारतीय सेना के अधिकारी के मुताबिक, यूरोलॉजी और जीआई सर्जरी विभाग ने सशस्त्र बलों में पहली बार संयुक्त लिवर-किडनी प्रत्यारोपण करने के लिए रात भर और अथक परिश्रम किया.