जिबूती से यमन जा रही नाव समुद्र में समाई, 15 बच्चों समेत 109 लोगों की मौत

पूर्वी अफ्रीका स्थित जिबूती के तट पर एक नाव समुद्र में समा गई. यमन जा रही इस नाव में 305 लोग सवार थे जिनमें से 15 बच्चों समेत करीब 109 लोगों के मारे जाने की खबर है.

@ELMObrokenWings
Sagar Bhardwaj

पूर्वी अफ्रीका स्थित जिबूती के तट पर एक नाव समुद्र में समा गई. यमन जा रही इस नाव में 305 लोग सवार थे जिनमें से 15 बच्चों समेत करीब 109 लोगों के मारे जाने की खबर है. अंतरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन ने रविवार को का कि यह हादसा गुरुवार की रात या शुक्रवार की सुबह हुआ. अंतरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन ने बताया कि मरने वालों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं जबकि 80 लोग हादसे में जिंदा बचे हैं.

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन ने अपने बयान में कहा कि हजारों प्रवासी सुरक्षा और आर्थिक अवसरों की तलाश में अफ्रीका के हॉर्न से जिबूती होते हुए और बाब अल-मंदेब को पार करते हुए खाड़ी देशों की ओर यात्रा करते हैं.
यमन में हिंसा के बावजूद यह आवागमन जारी है. बता दें कि युद्धग्रस्त यमन से बड़ी संखअया में लोग भाग रहे हैं और लाल सागर पार करके जिबूती में शरण ले रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि और भी कई यमनी नावों से जिबूती जाने को तैयार हैं.

वर्तमान में 2000 से अधिक यमनी जिबूती में हैं जहां देश की सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान कर रहे हैं. बता दें कि यमन की सरकार और सउदी अरब पिछले 12 सालों से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से लड़ रहे हैं.

सउदी अरब ने यमन में तेज किए हमले

सउदी अरब और उनके सहयोगी यमनी सैनिकों द्वारा हवा में और जमीन पर बड़ा अभियान शुरू करने के बाद तनाव बढ़ गया है. इस हमले का उद्देश्य यमन के पश्चिमी लाल सागर और बाब अल-मंदेब के चारों ओर के उस क्षेत्र को दोबारा अपने कब्जे में लेना है जिस पर एक महीने पहले हूतियों ने कब्जा जमा लिया था.

बता दें कि बाब अल-मंदेब रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के वैकल्पिक मार्ग के तौर पर काम करता है. ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज से वैसे ही आवाजाही बाधित है, ऐसे में लाल सागर और बाब अल-मंदेब के चारों ओर कोई भी हलचल क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है.

हूती एक यमन आधारित समूह है, जो सउदी अरब को जुलाई से निशाना बना रहा है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस लड़ाकी की वजह से देश में 2 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. पिछले महीने इस समूह ने लाल सागर के किनारे की पूरी पश्चिमी तटरेखा पर कब्जा कर लिया था, जिसे कई लोगों ने वर्षों में सबसे घातक लड़ाई बताया था.

यमन ने कहा है कि वह हूतियों द्वारा छीने गए सभी क्षेत्रों को वापस ले लेगा. वहीं मुश्किल की इस घड़ी में सउदी अपने सहयोगियों से मदद मांग रहा है. सउदी ने अमेरिका से भी हस्तक्षेप करने की गुजारिश की थी लेकिन हूतियों से यह आश्वासन मिलने के बाद कि वे इस क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर हमला नहीं करेंगे, ट्रंप ने सउदी की मदद करने से इनकार कर दिया. हालांकि ट्रंप ने सउदी अरब के लिए 24.3  अरब अमेरिकी डॉलर में 48 F-35 लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.