'जो हिंदुओं की बात करेगा, वही राज करेगा...', बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना की जीत के बाद नितेश राणे का विपक्ष पर बड़ा हमला

मुंबई महानगरपालिका चुनावों में बीजेपी-शिवसेना की महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया. नतीजों के बीच नितेश राणे के हिंदुत्व वाले बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: मुंबई की सियासत में शुक्रवार को बड़ा मोड़ देखने को मिला जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों के रुझानों में बीजेपी और शिवसेना की अगुवाई वाली महायुति बहुमत के पार पहुंच गई. इस बढ़त के साथ ही महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे का हिंदुत्व से जुड़ा बयान चर्चा में आ गया. दूसरी ओर, राज्य के अलग-अलग इलाकों से जीत और हार की तस्वीरें सामने आती रहीं, जहां कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाया.

बीएमसी चुनावों के शुरुआती रुझानों में महायुति के बहुमत के आंकड़े को पार करने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई. मुंबई जैसे अहम नगर निगम में यह प्रदर्शन आगामी राज्य राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बीजेपी और शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कई इलाकों में जश्न मनाया और इसे गठबंधन की नीतियों पर जनता की मुहर बताया.

नितेश राणे का हिंदुत्व वाला बयान

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदी में लिखा, 'जो हिंदू की बात करेगा, वही महाराष्ट्र पर राज करेगा.इसके साथ उन्होंने 'जय श्री राम' भी लिखा. उनके इस बयान को महायुति की जीत को हिंदुत्व से जोड़कर देखने के तौर पर देखा जा रहा है, जिस पर सियासी बहस भी शुरू हो गई है.

मुंबई और अन्य क्षेत्रों से नतीजे

जहां महायुति को बढ़त मिली, वहीं कुछ जगहों पर विपक्ष को भी सफलता हाथ लगी. धारावी वार्ड 183 से कांग्रेस नेता आशा दीपक काले ने जीत दर्ज की. उन्होंने कहा कि सांसद वर्षा गायकवाड़ और विधायक ज्योति गायकवाड़ के समर्थन से यह जीत संभव हुई. उनके अनुसार यह पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है.

जलगांव और कोल्हापुर की तस्वीर

जलगांव वार्ड 19 में बीजेपी के राजेंद्र घुगे पाटिल विजयी रहे. उन्होंने बताया कि वार्ड से सभी महायुति उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, जिनमें दो निर्विरोध चुने गए. शिवसेना की निकिता वंजारी ने भी जीत के बाद कार्यकर्ताओं का आभार जताया. कोल्हापुर में बीजेपी नेता प्रताप दत्तात्रय पाटिल की जीत पर समर्थकों ने उत्साहपूर्वक जश्न मनाया.

आगे की राजनीति पर नजर

बीएमसी चुनावों के ये रुझान महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने में अहम माने जा रहे हैं. जहां महायुति इसे अपनी नीतियों और गठबंधन की मजबूती का संकेत बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा मान रहा है. अंतिम नतीजों के साथ यह साफ होगा कि मुंबई की नगर राजनीति में आने वाले वर्षों में किसकी भूमिका सबसे मजबूत रहने वाली है.