घोसी उपचुनाव के लिए BJP ने दारा सिंह चौहान को बनाया उम्मीदवार,सपा के सुधाकर सिंह से होगा चुनावी मुकाबला
Dara Singh Chauhan: बीजेपी केंदीय आलाकमान ने आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में यूपी जिले की घोसी विधानसभा सीट से दारा सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया गया है.
नई दिल्ली: बीजेपी केंदीय आलाकमान ने आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में यूपी जिले की घोसी विधानसभा सीट से दारा सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया गया है. दारा सिंह चौहान बीते दिनों समाजावादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. जिसके बाद बीजेपी आलाकमान ने घोसी सीट के लिए उनके चेहरे पर दांव लगाया है.
दारा सिंह चौहान घोसी विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर 2022 विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए थे लेकिन बीते दिनों विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थामा लिया था. ऐसे में घोसी सीट पर उपचुनाव हो रहा है और दारा सिंह चौहान बीजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में ताल ताल ठोकेंगे.
यूपी के कद्दावर नेता और मऊ के घोसी सीट से सपा विधायक दारा सिंह चौहान ने बीते दिनों विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. पूर्वांचल में पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले दारा सिंह चौहान की लोनिया चौहान बिरादरी में अच्छी पकड़ मानी जाती है. वहीं सुभासपा का NDA में हिस्सा बनने के बाद घोसी सीट पर लड़ाई दिलचस्प होने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि इस सीट पर राजभर समाज को वोटर जीत हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते है.
घोसी विधानसभा सीट से सपा ने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. सपा ने पूर्व विधायक सुधाकर सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है. साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में घोसी सीट से सुधाकर सिंह सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन उन्हें बीजेपी के फागू चौहान से हार का सामना करना पड़ा था. उसके बाद जुलाई 2019 में फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाया गया तो घोसी विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव हुए. इस उपचुनाव में सुधाकर सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े लेकिन बीजेपी के विजय राजभर से करारी हार का सामना करना पड़ा था.
घोसी विधानसभा सीट पर जातिगत समीकरण हमेशा से हावी रहे है. अगर जातिगत आधार पर इस सीट के समाजिक समीकरण की बात की जाए तो 4.20 लाख मतदाताओं वाली घोसी सीट पर मुस्लिम वोटर करीब 85 हजार हैं वहीं दलित 70 हजार, यादव 56 हजार, राजभर 52 हजार और चौहान वोटर करीब 46 हजार हैं. सपा मजबूत जातीय समीकरण की वजह से अपनी जीत का दांवा कर रही है तो वहीं दारा सिंह चौहान बीजेपी के बैनर तले अपनी जीत का दम भर रहे है.