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पुरुलिया में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सुवेंदु अधिकारी पर किया हमला, पुलिस स्टेशन में बैठे बीजेपी नेता

सुवेंदु अधिकारी का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की और नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने हस्तक्षेप नहीं किया.

@pradip103
Sagar Bhardwaj

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि पुरुलिया से पश्चिम मेदिनीपुर लौटते समय उन पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया. उन्होंने कहा कि यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

पुलिस के सामने हुआ हमला: अधिकारी

सुवेंदु अधिकारी का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की और नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने हस्तक्षेप नहीं किया. अधिकारी के मुताबिक, यह घटना दिखाती है कि मौजूदा सरकार में हिंसा और दबाव की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है.

टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप

बीजेपी नेता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब जनता के गुस्से का सामना नहीं कर पा रही है और इसलिए गुंडागर्दी का सहारा ले रही है. उन्होंने इसे सिर्फ अपने ऊपर नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की आवाज पर हमला बताया.

पुलिस थाने के भीतर धरना

हमले के बाद सुवेंदु अधिकारी चंद्रकोणा पुलिस थाने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए. उन्होंने मांग की कि हमलावरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए. अधिकारी ने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, वह धरना खत्म नहीं करेंगे.

पहले भी लगते रहे हैं हमले के आरोप

यह पहली बार नहीं है जब सुवेंदु अधिकारी ने हमले का आरोप लगाया हो. अगस्त में उन्होंने कूचबिहार दौरे के दौरान भी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला करने का दावा किया था. उस समय उनके काफिले को काले झंडे दिखाए गए थे और विरोध के नारे लगाए गए थे.

दक्षिण 24 परगना की घटना

इसके बाद अक्टूबर 2025 में सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण 24 परगना में काली पूजा और दिवाली कार्यक्रम में जाते वक्त भी हमले का आरोप लगाया था. उन्होंने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था और इसके पीछे टीएमसी नेताओं का हाथ बताया था.

राजनीतिक टकराव तेज

इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है. बीजेपी ने टीएमसी पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ये घटनाएं जनता के आक्रोश का नतीजा हैं.

जांच और कार्रवाई की मांग

फिलहाल सुवेंदु अधिकारी के धरने से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. विपक्ष ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि राज्य में कानून का भरोसा बहाल हो सके.