ओवैसी के 'हिजाब वाली पीएम' के सपने पर बीजेपी का तीखा तंज, दे डाली ये खुली चुनौती

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बने. बयान पर भाजपा और शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया दी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में एक रैली के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी बहस तेज कर दी. उन्होंने भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोका जा सकता. ओवैसी के इस बयान पर भाजपा और शिवसेना ने तुरंत पलटवार किया और इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया. इस बयान के साथ ही देश में प्रतिनिधित्व, समानता और राजनीति में धर्म की भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई.

सोलापुर की रैली में ओवैसी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में यह साफ लिखा है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है. उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने. ओवैसी ने यह भी जोड़ा कि शायद वह खुद उस दिन को न देख पाएं, लेकिन यह दिन जरूर आएगा जब ऐसा संभव होगा.

पाकिस्तान से तुलना और संदेश

अपने भाषण में ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान की संवैधानिक व्यवस्थाओं की तुलना भी की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में साफ है कि केवल एक खास धर्म का व्यक्ति ही वहां प्रधानमंत्री बन सकता है. इसके उलट भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है. ओवैसी ने कहा कि यही भारत की ताकत है और यही वजह है कि यहां किसी की पहचान उसके धर्म से नहीं, बल्कि नागरिक होने से तय होती है.

नफरत की राजनीति पर हमला

ओवैसी ने अपने भाषण में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलती. जो लोग मुसलमानों के खिलाफ जहर फैला रहे हैं, उनका अंत तय है. उन्होंने कहा कि जब समाज में मोहब्बत आम हो जाएगी, तब लोगों को समझ आएगा कि किस तरह उनके दिमाग में जहर भरा गया था. उनका कहना था कि नफरत का जवाब नफरत नहीं, बल्कि इंसाफ और बराबरी है.

भाजपा और शिवसेना का पलटवार

ओवैसी के बयान के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन पहले ओवैसी अपनी पार्टी AIMIM का अध्यक्ष किसी पसमांदा मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को बनाकर दिखाएं. वहीं शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है और नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सर्वविदित है.

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

ओवैसी ने रैली में कांग्रेस पर भी हमला बोला. उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी कैद का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है. ओवैसी का आरोप था कि UAPA कानून के कठोर प्रावधान कांग्रेस शासन के दौरान और मजबूत किए गए थे. उन्होंने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम के समय किए गए संशोधनों की वजह से कई विचाराधीन कैदी सालों तक जेल में बंद रहते हैं. ओवैसी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया.