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ममता को बड़ा झटका, 19 बागी सांसदों की सूची आई सामने! शत्रुघ्न सिन्हा-यूसुफ पठान का नाम भी शामिल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरों ने हलचल बढ़ा दी है. 19 सांसदों के कथित तौर पर अलग रुख अपनाने और इस्तीफों के बाद पार्टी पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही हलचल चर्चा का केंद्र बनी हुई है. पार्टी के कई सांसदों के कथित तौर पर अलग रुख अपनाने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. सामने आई जानकारी के अनुसार, कुछ सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है, जिनमें सांसदों के हस्ताक्षर भी हैं. वही अब इन सांसदों के नाम भी सामने आ गए हैं.

सांसदों की सूची से बढ़ी सियासी हलचल

बताया जा रहा है कि जिन सांसदों के नाम चर्चा में हैं, उनमें कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं. सूची में अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी सामने आया है. इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों का संकेत मान रहे हैं. हालांकि पार्टी या फिर नेताओं की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

  1. काकोली घोष (बारासात)
  2. जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
  3. खलीलुर रहमान (जंगीपुर)
  4. यूसुफ पठान (बहरामपुर)
  5. अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
  6. पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
  7. बापी हलदार (मथुरापुर)
  8. सायोनी घोष (जादवपुर)
  9. माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
  10. मिताली बाग (आरामबाग)
  11. दीपक अधिकारी (घाटाल)
  12. कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम)
  13. जून मालिया (मेदिनीपुर)
  14. अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)
  15. डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)
  16. शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
  17. असित कुमार माल (बोलपुर)
  18. शताब्दी रॉय (बीरभूम)
  19. रचना बनर्जी (हुगली)

पार्टी नेतृत्व पर बढ़ा दबाव

सांसदों के कथित रुख के बाद तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह घटनाक्रम आगे बढ़ता है तो पार्टी के लिए संगठनात्मक चुनौती खड़ी हो सकती है. फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले को किस तरह संभालता है और आगे क्या रणनीति अपनाता है.


राज्यसभा से भी आए इस्तीफे

राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. राज्यसभा सचिवालय ने उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की जानकारी दी है. इससे पहले वरिष्ठ सांसद सुखेंदु शेखर राय भी पार्टी और संसद से इस्तीफा दे चुके हैं. लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है.

बागी खेमे का बड़ा दावा

बागी खेमे के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनके साथ अब 64 विधायक हैं. उन्होंने कहा कि यह संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है. उनके अनुसार, बहुमत का समर्थन उनके गुट को प्राप्त है. इस दावे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

आगे की रणनीति पर टिकी निगाहें

तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है. एक ओर पार्टी नेतृत्व स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटा है, वहीं दूसरी ओर बागी गुट अपनी ताकत बढ़ाने का दावा कर रहा है. आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की रणनीति और राजनीतिक कदम इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे.