FIFA World Cup 2026

'नो वर्क नो पे', हड़ताल का हिस्सा बनें तो कटेगी सैलरी; केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों को दी चेतावनी

आज कई ट्रेड यूनियन और किसानों के ग्रुप ने मिलकर भारत बंद का ऐलान किया है. हालांकि केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों को इसका हिस्सा बनने से मना करते हुए चेतावनी भी जारी की है.

ANI
Shanu Sharma

सेंट्रल ट्रेड यूनियन और किसान ग्रुप ने आज यानी 12 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया है. हालांकि केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों को इस आंदोलन में हिस्सा ना लेने की सलाह दी है. राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को साफ कह दिया है कि इसमें हिस्सा लेने वालों की सैलरी काटी जाएगी. 

 केरल सरकार ने बुधवार की रात एक नया ऑर्डर जारी करते हुए अपने कर्मचारियों के लिए 'नो वर्क नो पे' का ऐलान किया है. जिसके मुताबिक जो भी कर्मचारी आज बिना इजाजत के गैरहाजिर होते हैं उनकी सैलरी काट ली जाएगी. राज्य कर्मचारियों की छुट्टी केवल शर्तों के साथ ही मंजूर कीजाएगी.

क्यों हुआ भारत बंद का ऐलान?

राज्य सरकार ने आधी रात सूचना जारी करते हुए कहा कि कोई भी कर्मचारी को केवल खुद बीमार पड़ने या अपने परिवार के बीमार पड़ने और किसी अन्य इमरजेंसी हालात में ही छुट्टी दी जाएगी. इसके अलावा जो कर्मचारी भी 12 फरवरी को छुट्टी पर रहेंगे उनकी सैलरी काट ली जाएगी. बता दें कि आज भारत बंद चार नए लेबर कोड के खिलाफ बुलाया गया है. भारत बंद का ऐलान करने वालों का दावा है कि इससे जॉब सिक्योरिटी को खतरा है और एम्प्लॉयर्स किसी को भी आसानी से नौकरी से निकाल पाएंगे. आंदोलनकर्ता रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के लिए विकसित भारत गारंटी को वापस लेने और महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) को बहाल करने की भी मांग कर रहे हैं.


कौन कर रहा भारत बंद?

आज के इस हड़ताल में 10 ट्रेड यूनियन शामिल हैं. जिसमें इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस और सेल्फ-एम्प्लॉयड विमेंस एसोसिएशन समेत कई अन्य यूनियन शामिल है. इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इसका समर्थन किया है. उन्होंने भारत-अमेरिका डील का विरोध करते हुए सरकार से नाराजगी जताई है. किसान सरकार से अपनी सुरक्षा की गारंटी मांग रहे हैं. उनका मानना है कि भारत सरकार का ये समझौता किसानों के लिए बड़ा खतरा है.