4 पूर्व CJI, 12 से अधिक SC के पूर्व जज... साधु-संत ही नहीं... कानून के विशेषज्ञ भी अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन में हुए थे शामिल
भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन भी समारोह में शामिल हुए थे. सीएस वैद्यनाथ, हिंदू पक्ष के लिए सुप्रीम कोर्ट में बहस का नेतृत्व करने वाली टीम का हिस्सा रहे थे.
Ayodhya Ram mandir legal luminaries attend inauguration ceremony: अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन में सिर्फ साधु संत ही नहीं, बल्कि कानून के जानकार भी शामिल हुए थे. इनमें चार पूर्व सीजेआई, सुप्रीम कोर्ट के एक दर्जन से अधिक पूर्व जज शामिल थे. इस लिस्ट में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण समेत कई अन्य शामिल रहे.
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर उन कई पूर्व न्यायाधीशों में से थे जो सोमवार को राम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए. बता दें कि जेएस खेहर ने 2017 में अयोध्या विवाद में व्यक्तिगत रूप से मध्यस्थता करने की पेशकश की थी. न्यायमूर्ति खेहर ने मामले में सौहार्दपूर्ण समाधान का आह्वान करते हुए कहा था कि अगर आप मुझे दोनों पक्षों के मध्यस्थों के बीच चाहते हैं, तो मैं तैयार हूं.
जस्टिस खेहर के अलावा ये पूर्व CJI भी हुए शामिल
राम मंदिर उद्घाटन समारोह में जस्टिस खेहर के अलावा तीन अन्य पूर्व CJI भी पहुंचे. इनमें जस्टिस वीएन खरे, एनवी रमना और यूयू ललित शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंदिर उद्घाटन समारोह में सुप्रीम कोर्ट के एक दर्जन से अधिक पूर्व न्यायाधीश भी मौजूद थे. सूची में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (National Company Law Appellate Tribunal) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी शामिल थे. बता दें कि न्यायमूर्ति भूषण उस पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ का हिस्सा थे जिसने 2019 में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ किया था.
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आदर्श गोयल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. गोयल 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के समय उत्तर प्रदेश सरकार के वकील थे. इनके अलावा, जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम, अनिल दवे, विनीत सरन और ज्ञान सुधा मिश्रा भी उद्घाटन समारोह में मौजूद थे.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज भी हुए शामिल
उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा सामारोह में इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सुधीर अग्रवाल भी शामिल हुए. जस्टिस अग्रवाल अयोध्या विवाद में 2010 में आए इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का हिस्सा थे. बता दें कि 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि जमीन को तीन हिस्सों में बांट दिया जाए. एक हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड, दूसरा हिस्सा- निर्मोही अखाड़ा और तीसरा हिस्सा- राम मंदिर के लिए दे दिया जाए. इनके अलावा, भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन भी समारोह में शामिल हुए थे. सीएस वैद्यनाथ, हिंदू पक्ष के लिए सुप्रीम कोर्ट में बहस का नेतृत्व करने वाली टीम का हिस्सा रहे थे.