पूर्वोत्तर में 'जल प्रलय', असम से मिजोरम तक हाल बेहाल, कई मौतें, तबाही मचाकर गया रेमल

असम में बाढ़ और बारिश लोगों की जान के लिए आफत बनकर आई है. कोपिली, बराक और कोशियारा नदियां अपने उफान पर हैं. 6 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. ये नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

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असम की बाढ़ अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. बाढ़ की वजह से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं लाखों लोग विस्थान की कगार पर खड़े हैं. बाढ़ की वजह से राज्य की 6 लाख आबादी प्रभावित है. शुक्रवार तक 11 जिलों में बाढ़ का पानी फैला था, जिसके चलते कुल 3 लाख लोग प्रभावित हुए थे. अब यह आकंड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है.

असम की तीन नदियां उफान पर हैं. कोपिली, बराक और कौशियारा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ये नदियां इस हद तक खतरनाक हो गई हैं कि 6 लाख लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है. लोगों के लिए अब जान की आफत आ गई है.

लाखों लोगों की जान पर आफत लाई बाढ़

असम में बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा नौंगाव  है, जहां करीब 2,79,345 लोग बाढ़ में फंसे हैं. होजाई, चाहर, काह भी हाल बेहाल है. एनडीआरएफ और एडीआरफ की टीमें मौके पर हैं और लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर राहत शिविरों की ओर ला रही हैं.

 

मिजोरम में भी बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोग

मिजोरम में भी रेमल तूफान जानलेवा साबित हुआ है. यहां करीब 2 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं. बीते 5 दिनों में यहां भी बड़ा नुकसान हुआ है. ट्रेन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बाधित है. मिजोरम के कुल 167 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. कई जगह भूस्खलन हुए हैं. 27 लोग जान गंवा चुके हैं, कई और मौतें हो सकती हैं.