ASI पैनल ने ज्ञानवापी मस्जिद पर वाराणसी कोर्ट में पेश की 1500 पन्नों की सीलबंद रिपोर्ट, 250 अवशेष भी जुटाए
पुरातत्व विभाग की सर्वे रिपोर्ट 21 दिसंबर को याचिकाकर्ताओं के साथ साझा की जाएगी और इसकी एक प्रति शीर्ष अदालत को भी भेजी जाएगी. कोर्ट में पेश रिपोर्ट के बारे में हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि एएसआई ने आज वाराणसी कोर्ट में अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की है.
Gyanvapi Mosque ASI: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सोमवार को वाराणसी जिला कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर पर अपनी वैज्ञानिक सर्वेक्षण की सील बंद रिपोर्ट पेश कर दी है. इस मामले में कोर्ट ने पुरातत्व विभाग को ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था, जिसके बाद एएसआई ने अपने एक पैनल को सर्वे में लगाया था.
21 दिसंबर को याचिकाकर्ताओं को दी जाएगी सर्वे की कॉपी
जानकारी के मुताबिक, पुरातत्व विभाग की सर्वे रिपोर्ट 21 दिसंबर को याचिकाकर्ताओं के साथ साझा की जाएगी और इसकी एक प्रति शीर्ष अदालत को भी भेजी जाएगी. कोर्ट में पेश रिपोर्ट के बारे में हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि एएसआई ने आज वाराणसी जिला न्यायालय के सामने अपनी वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की है.
कोर्ट में पेश रिपोर्ट पर हिंदू पक्ष के वकील ने कही बड़ी बात
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 4 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करते हुए सीलबंद कवर में अपनी रिपोर्ट दायर की है. हम जिला अदालत में आवेदन करेंगे कि हमें रिपोर्ट की एक कॉपी दी जाए. मीडिया को यह आदेश नहीं दिया जा सकता कि आप इस रिपोर्ट के बारे में बात नहीं कर सकते. हम 21 दिसंबर को कोर्ट की सुनवाई में हिस्सा लेंगे. यदि जिला कोर्ट कानून के अनुरूप आदेश पारित नहीं करती है, तो हम सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे.
17वीं शताब्दी में मंदिर था या मस्जिद, अब सच आएगा सामने
एएसआई काशी विश्वनाथ मंदिर के पास में स्थित ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर रहा था, ताकि निर्धारित किया जा सके कि 17वीं शताब्दी की मस्जिद का निर्माण पूर्व में हिंदू मंदिर पर किया गया था या नहीं. बता दें कि ये सर्वेक्षण तब शुरू हुआ था, जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी समिति आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई था. शीर्ष अदालत ने 4 अगस्त को एएसआई सर्वेक्षण पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
रिपोर्ट के साथ एएसआई ने जुटाए हैं 250 अवशेष
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि एएसआई ने 1500 पन्नों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है. साथ ही बताया गया है कि पुरातत्व विभाग ने करीब 250 अवशेष भी जुटाए हैं. ये अवशेष खंडित प्रतिमाएं और घड़े के आकार की चीजें बताई गई हैं. इन अवशेषों को वाराणसी जिलाधिकारी की निगरानी में सुरक्षित रखवाया गया है.