सेना के डॉक्टर ने महिला के साथ किया था 'गंदा काम'! अब होगा कोर्ट मार्शल

भारतीय सेना के एक डॉक्टर पर कोर्ट मार्शल चल रहा है. दरअसल, डॉक्टर पर एक महिला मरीज की गरिमा को भंग करने का आरोप है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेजर रैंक के अधिकारी के एक पत्नी मेडिकल चेकअप कराने गई थी. पेशेंट ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने चेस्ट चेकअप के दौरान आपराधिक बल का इस्तेमाल कर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है.

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इंडियन आर्मी के एक डॉक्टर को जनरल कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ रहा है. डॉक्टर के ऊपर मेजर रैंक के अधिकारी की पत्नी का मेडिकल चेकअप के दौरान उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप है. लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के मेडिकल ऑफिसर अहमदनगर के मिलिट्री हॉस्पिटल में पोस्टेड हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार इस समय वह जनरल कोर्ट मार्शल के आखिरी राउंड का सामना कर रहे हैं.    

लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के मेडिकल ऑफिसर के ऊपर  अहमदनगर के मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री सेंटर और स्कूल में चल रहा है. सूत्रों के मुताबिक  डॉक्टर ने खुद को निर्दोष बताया. उसने कहा है कि वह सीने में दर्द की शिकायत करने वाले मरीज की जांच करते हुए  प्रोफेशनल तरीके से काम कर रहा था.

डॉक्टर पर लगे हैं दो आरोप

डॉक्टर पर दो आरोप हैं. पहला आरोप यह कि 10 जून 2022 को जब मेजर रैंक के अधिकारी की पत्नी की सीने की जांच कर रहे थे तो उन्होंने आपराधिक बल का प्रयोग किया. इससे महिला की गरिमा भंग हुई. यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के विपरीत, किसी महिला की गरिमा को भंग करने के इरादे से उसके खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग करने से संबंधित है.

नहीं किया कानून का पालन

डॉक्टर के ऊपर दूसरा आरोप अधिकारी के खिलाफ अच्छे आदेश और सैन्य अनुशासन को नुकसान पहुंचाने वाली चूक है. इसके तहत डॉक्टर को किसी महिला का मेडिकल चेकअप के दौरान रक्षा सेवा विनियमन (सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं के लिए विनियमन - 2010) के पैरा 51 के अनुपालन में एक नर्स या महिला परिचारिका की उपस्थिति अनिवार्य है.

अटेंडेंट का होना जरूरी

नियमों के अनुसार अगर किसी महिला पेशेंट का मेडिकल एग्जामिनेशन किया जा रहा है तो उसके साथ एक अटेंडेंट का होना जरूरी है.