ऑफिस गया बेटा घर नहीं लौटा, अब पाकिस्तान से आया वॉट्सऐप मैसेज; जम्मू के परिवार में मचा कोहराम
Jammu And Kashmir News: जम्मू के अखनूर से लापता लड़के के मोबाइल नंबर पर पाकिस्तान से ऐसा मैसेज आया कि पूरे परिवार में कोहराम मच गया. लड़के के परिजन ने प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगाई है. जिस लड़के के परिजन ने पीएम मोदी से गुहार लगाई है, वो 12 जून से लापता था. अब उसके बारे में पाकिस्तान से आए वॉट्सऐप मैसेज ने पूरे परिवार की नींद हराम कर दी है. आइए, जानते हैं पूरा मामला.
Jammu And Kashmir News: जम्मू के अखनूर में रहने वाला 20 साल का हर्ष नगोत्रा 12 जून को लापता हो गया था. हर्ष के पिता सुभाष शर्मा ने बताया कि वो 12 जून को ऑफिस के लिए घर से निकला था, लेकिन फिर नहीं लौटा. बेटा जब नहीं लौटा तो पिता ने स्थानीय पुलिस से मदद मांगी. पुलिस पड़ताल कर रही थी कि पाकिस्तान से हर्ष के मोबाइल नंबर पर एक वॉट्सऐप मैसेज आया, जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया. दरअसल, बेटे के गायब होने के बाद उसके पिता ने उसके मोबाइल नंबर का डुप्लिकेट सिम कार्ड जारी कराया. सिम कार्ड को ऑन होते ही पाकिस्तान के सियालकोट से एक शख्स का वॉट्सऐप मैसेज आया.
दरअसल, हर्ष नागोत्रा का शव सियालकोट पाकिस्तान (चिनाब नदी) में मिला है. हर्ष के पिता सुभाष को पाकिस्तानी शख्स ने फोन करके घटना की जानकारी दी. फिलहाल, प्रारंभिक रूप से ये आत्महत्या का मामला लग रहा है. पुलिस को संदेह है कि हर्ष ने गेमिंग ऐप में 80 हजार रुपये गंवा दिए थे. इसके बाद उसने चिनाब नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली. अब हर्ष के शव के बारे में जानकारी के बाद परिवार ने शव को घर वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मदद मांगी है.
लड़के के पिता ने पीएम मोदी से अंतिम संस्कार के लिए मांगी मदद
50 साल के सुभाष शर्मा के मुताबिक, शुक्रवार को जब अपने लापता बेटे के सिम कार्ड की डुप्लीकेट कॉपी एक्टिव की, तो उन्हें मोबाइल पर दिल तोड़ने वाला वॉट्सऐप मैसेज मिला. ये मैसेज पाकिस्तान से भेजा गया था. मैसेज में लिखा गया था कि हर्ष का शव सीमा पार नहर में मिला है और उसे वहीं दफनाया गया है. लोक निर्माण विभाग में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने वाले सुभाष ने कहा कि हम अपने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हैं कि वे हमारे बेटे का शव हमारे धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए वापस लाने में हमारी मदद करें.
सुभाष ने कहा कि परिवार ने इस मामले के संबंध में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिख दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा सोमवार को केंद्र में सीनियर स्तर पर इस मामले को उठाएंगे. परिवार ने पाकिस्तान के अधिकारियों से हर्ष के शव को वापस घर लाने की व्यवस्था करने की भी अपील की है.
टेलीकॉम फर्म में दिसंबर से काम कर रहा था हर्ष
हर्ष बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले दिसंबर से ही पास के खौर इलाके में एक टेलीकॉम फर्म में काम कर रहा था. हर्ष, सुभाष के दो बेटों में सबसे बड़ा है. सुभाष ने बताया कि 12 जून की शाम करीब 7.45 बजे मैंने उसका मोबाइल फोन मिलाया, लेकिन वह बंद था. उन्होंने बताया कि जब वह रात 9 बजे तक घर नहीं लौटा, तो हमने उसके सहकर्मियों से संपर्क करना शुरू किया, लेकिन हमें बताया गया कि वो सुबह आया था और अटेंडेंस लगाकर ऑफिस से निकल गया था.
इसके बाद सुभाष और उनके परिवार के सदस्यों ने पूरी रात उसकी तलाश की. खोजबीन के दौरान गुराह मन्हासा इलाके में हर्ष की बाइक लावारिस हालत में मिली. 13 जून की सुबह सुभाष ने खौर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
बेटा नहीं मिला, तो जारी कराया डुप्लिकेट सिम कार्ड
बेटे के लापता होने के बारे में कई सप्ताह तक कोई सुराग न मिलने के बाद, सुभाष ने हर्ष के सिम कार्ड की डुप्लीकेट जारी करवाने का फैसला किया. शुक्रवार को जब सिम चालू हुआ तो परिवार को पता चला कि पाकिस्तान के एक नंबर से लगातार मैसेज और कॉल आ रहे थे. हर्ष की मौत की सूचना देने वाले मैसेज में उसके शव के साथ मिले आईडी कार्ड की तस्वीरें भी शामिल थीं.
सुभाष ने बताया कि उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया तो दूसरी तरफ से आए व्यक्ति ने खुद को पाकिस्तान के पोस्टमार्टम विभाग का अधिकारी बताया. सुभाष ने बताया कि उसने हमें बताया कि हर्ष का शव 13 जून को सीमा के उस पार बरामद हुआ था. वो हर्ष के आईडी कार्ड में दर्ज नंबर पर लगातार कॉल कर रहा था और हमें उसकी मौत की सूचना देने के लिए व्हाट्सऐप मैसेज भेज रहा था. लेकिन उस समय वह नंबर काम नहीं कर रहा था.